कानपुर में रक्षाबंधन हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मिठाई की दुकानों पर भीड़ रही। घेवर की मांग ज्यादा रही। कई जगह सुबह सुबह ही बहनों ने भाई को तिलक कर राखी बांधी और मिठाई खिलाई। भाइयों ने भी बहनों की रक्षा का संकल्प लिया। हैलट में भर्ती मरीजों के भाई या बहनों ने राखी बांधी।
सांप्रदायिक सौहार्द: हर्षोल्लास के साथ मनाया गया रक्षाबंधन, सभी धर्मों के भाइयों को बांधी राखियां, देखें फोटोज
गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल
वहीं, चमनगंज निवासी कक्षा 4 में पढ़ने वाली आयशा राशिद ने भाई रमीज बख्तावर और रतनलाल नगर निवासी इशिता मैकार्टिस ने अपने भाइयों यशजूड, प्रांशु, मॉन्टी, सुमित, अनुराग व विंसेट की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की। इशिता की मां मरियम मैकार्टिस भी अपने भाइयों के राखी बांधती हैं।
भाई बहन का रिश्ता बेहद पाक
आयशा ने कहा कि, राखी भइया की लंबी उम्र के लिए बांधते हैं। अम्मी ने शीर कोरमा भी बनाया था, और भाईजान ने बड़ा गिफ्ट भी दिया। इरफान की बहन उज्मा सोलंकी 10 साल से गुमटी निवासी कंवलजीत सिंह के राखी बांध रही हैं। उनका कहना है कि भाई बहन का रिश्ता बेहद पाक है।
हर धर्म के भाइयों-बहनों में रहा उत्साह
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के तत्वावधान में अल्पसंख्यक समाज की बहनों ने क्षेत्रीय अध्यक्ष सरदार अजीत सिंह छाबड़ा को तिलक लगाकर राखी बांधी। कार्यक्रम में बहन फरिया सिद्दीकी, अनमीत कौर, अनु शरणजीत कौर, सोनी, आंचल जैन, जतिंदर कौर प्रमुख रूप से उपस्थित थीं।
खान-पान का भी रखा ध्यान
रक्षाबंधन पर कई जगह मजहबी एकता की मिसाल नजर आई। जहां अलग-अलग धर्मों के भाई-बहन सालों से रक्षाबंधन मना रहे हैं। सिर्फ राखी ही नहीं बांधी बल्कि सेंवई, केक, शीर कोरमा भी बना। गुरदीप कौर ने बताया कि एक दिन होता है, जब हम भाई बहन साथ रहते हैं। सिर्फ राखी ही नहीं बांधते बल्कि ज्यादा समय बिताते हैं।