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इत्ते टेस्ट करावत हैं.. मरज जाने खातिर डॉक्टर कहूं पोस्टमार्टम ना लिखि दें- राजू श्रीवास्तव
Mon, 19 Aug 2019 08:50 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 19 Aug 2019 08:50 PM IST
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राजू श्रीवास्तव
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दोस्तों हम कल रात मा लेटे लेटे सोचित रहेन कि आदमी बईठ के भी तो सोच सकत है.. बल्कि बईठ के जादा अच्छी तरह सोचा जात है.. खास कर लैट्रीन मा बईठ के.. दुई साल पहिले अस्सी फिट रोड वाले संकठा का एक सेठ नौकरी दिहिस सोचे की.. कि तुम खाली बईठ के सोचो.. महीना पूरा होय पे जब संकठा उस सेठ से तन्खा मांगिन तो उई सेठ कहिस कि आज से तुम ई सोचो कि तन्खा कईसे मिलि.. बताओ अईस अईस लग्घड़ लोग पड़े हैं..
राजू श्रीवास्तव
अभीन कल चन्द्रिका देवी चौराहे वाले संतोस हमसे कहे लाग कि हम अगर मोदी जी का वोट दई के उनका प्रधानमंत्री नाही बनाय होत तो आज Man vs Wild की जगह Man vs Child देखे का पड़त.. वईसे दोस्तों आजकाल पूरे देस मा बरसात अउर बाढ़ का कहर चालि रहा.. परसों हम अस्सी फिट रोड पे संकठा के हिंया बईठे रहन .. हम कहा यार ई न्यूज चैनल वालन की माने तो समझो आधा देस डूबि गवा.. कोऊ कोऊ चैनल तो पुरानी न्यूज कटिंग चलाय रहे हैं.. तबहीं बैजनाथ बोलि पड़े अरे ई मीडिया वालन का ना पूछौ..
राजू श्रीवास्तव
बताओ शुक्रवार का बारिश होत रही तो हम आपन मेहरारू से कहा पकौड़ी बनाव.. उई पकौड़ी बनाईस.. अब हम आपन घरे मा बइठे टीवी देखत भये पकौड़ी खाय रहे हैं अउर टीवी पे न्यूज मा दिखाय रहे हैं कि हम शुक्लागंज मा बाढ़ मा फंसे हैं.. दनादन सब रिश्तेदारन के फोन आये लगे.. बताओ दुई साल पहिले हम शुक्लागंज बाढ़ मा फंसे रहन.. हम कहा उई सब तो ठीक आय.. मगर तुम अकेले अकेले पकौड़ी पेल लिहेव.. तो बैजनाथ कहिन पकौड़ी खाय का है तो घरे आय का पड़ि तो संकठा कहिन अबे गुमटी चौराहे पे पूनाराम पकौड़ी अउर मंगौड़े छानत होई..
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राजू श्रीवास्तव
उहै के हिंया से मंगवाय लेव.. हम कहा नाही बे.. बरसात का मौसम आय.. थोड़ा सोच समझ के खाव पियो.. डॉक्टर से दूर रहौ.. वईसे भी अगर तबियत खराब हुई जाय तो आजकाल डॉक्टर इत्ते टेस्ट करावत हैं कि आवे वाले टाइम मा लगत है ई डॉक्टर लोगे मरज जाने खातिर टेस्ट मा कहूं पोस्टमार्टम ना लिखि दें.. वइसे भी आजकाल कौनो दुखी बीमार हुई जाय तो समझो आफत आय.. काहे से सरकारी अस्पताल मा इलाज कराय का मतलब जान से जाना अउर प्राइवेट अस्पताल मा इलाज कराय का मतलब जमीन जायदाद से जाना..
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Raju Srivastav
अच्छा दोस्तों हम एक बात नोटिस किये हन कि आजकाल आदमी जरा में बीमार पड़ि जात है.. पहिले अईस नाहि रहा.. हमका याद आय पहिले हम लोगे गांव मा नदिया गढ़ैया मा नहा लेत रहे अउर कुछौ नाही होत रहा.. पता चला वही तलैया मा हरहा लई के कूदि पड़े.. वही मा गाय भैंसिया भी छपड़ छपड़ करि रही आंय अउर उन्हीन के साथै मा हम लोगे भी नहाय रहे.. नहात नहात गढ़ैया केर पानी मुंह मा चला जात रहा.. मगर उई टाइम हम लोगन का कुछौ नाय होत रहा.. अब लोग सरकारी नल का पानी भी पी लेत हैं तो बीमार पड़ि जात हैं..