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उन्नाव कांड: इस शख्स के इर्दगिर्द ही घूम रही है पीड़िता के कार हादसे की सीबीआई जांच, ये भी रडार में
Mon, 05 Aug 2019 10:36 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 05 Aug 2019 10:36 PM IST
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उन्नाव कांड में जांच करती सीबीआई की टीम
- फोटो : अमर उजाला
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उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के साथ हुए संदिग्ध सड़क हादसे की सीबीआई जांच एक शख्स के इर्दगिर्द घूम रही है। इसी क्रम में जांच कर रही सीबीआई टीम सोमवार को एक बार फिर ललौली थाने के ओती गांव पहुंची। ट्रक चालक आशीष पाल के परिवार के लोगों से लंबी पूछताछ की। करीब तीन घंटे का वक्त टीम ने बिताया। कई तरह के सवाल पूछकर ड्राइवर से मालिक और मालिक से विधायक सेंगर तक के लिंक को तलाशने की कोशिश की।
उन्नाव कांड में जांच करने पहुंची सीबीआई की टीम
- फोटो : अमर उजाला
जांच अधिकारी बयानों को डायरी में नोट भी करते रहे। ओती गांव के मजरे खाभर निवासी ट्रक चालक आशीष पाल सीबीआई के पास रिमांड पर है। सोमवार को सीबीआई की तीन सदस्यीय टीम दोबारा ललौली थानाक्षेत्र में आशीष पाल के घर पहुंची। टीम को दुबारा देख ग्रामीणों की भीड़ जुट गई, लेकिन जांच अधिकारियों ने सभी को हटा दिया। टीम सुबह साढ़े 11 बजे लखनऊ के नंबर की इनोवा कार से पहुंची थी।
उन्नाव कांड: ट्रक की टक्कर के बाद कार के परखच्चे उड़ गए
- फोटो : अमर उजाला
रविवार को टीम में पांच सदस्य आए थे, जबकि सोमवार को चालक समेत चार रहे। घर के बरामदे में चालक आशीष पाल के परिजनों मां राजरानी, भाई पंकज पाल, चाचा सूरजभान पाल, चचेरा भाई जितेंद्र पाल से सीबीआई अधिकारियों ने पूछताछ की। पड़ोसी चुनकू पाल से भी टीम ने पूछा। टीम ने चालक के भाई पंकज पाल से देवेंद्र पाल, वीरेंद्र पाल, नंदू पाल के बारे में जानना चाहा। पंकज से टीम ने पूछा आप लोग कितने भाई है।
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उन्नाव कांड
- फोटो : अमर उजाला
पंकज ने बताया कि बड़ा भाई सुनील पाल, दूसरा स्वयं पंकज, छोटा भाई ट्रक चालक आशीष पाल। ट्रक कब से चला रहा है। सहित तमाम सवाल परिजनों से पूछते रहे। जांच अधिकारी सभी लोगों के आधार नंबर भी नोट कर ले गए। टीम के जाने के बाद ट्रक चालक आशीष पाल के परिजन कुछ भी बोलने से इंकार करते रहे। उनमें दहशत भी रही। उनका कहना था कि टीम ने कुछ भी बताने से मना किया है।
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दुष्कर्म पीड़िता का चाचा एवं आरोपी कुलदीप सेंगर
पंद्रह मिनट ललौली में ट्रक मालिक के घर भी रुके
सीबीआई टीम पंद्रह मिनट के लिए लौटते समय ललौली भी गई। यहां ट्रक मालिक देवेंद्र पाल का पैतृक घर है। उनके हिस्से में ताला बंद था। चाचा के हिस्से से टीम के सदस्य घर के अंदर गए। आंगन, जीने पर जाकर कुछ तलाशने की कोशिश करते दिखे। दूसरी मंजिल पर गए। बताया जा रहा है कि टीम ने मौजूद लोगों से देवेंद्र पाल व उनके परिवार के बारे में पूछताछ भी की। देवेंद्र के चाचा देवराज के दो बेटों से भी टीम ने परिवार के बारे में जानने की कोशिश की। हालांकि टीम के जाने के बाद परिवार के लोगों ने कुछ भी बताने से मना कर दिया।
सीबीआई टीम पंद्रह मिनट के लिए लौटते समय ललौली भी गई। यहां ट्रक मालिक देवेंद्र पाल का पैतृक घर है। उनके हिस्से में ताला बंद था। चाचा के हिस्से से टीम के सदस्य घर के अंदर गए। आंगन, जीने पर जाकर कुछ तलाशने की कोशिश करते दिखे। दूसरी मंजिल पर गए। बताया जा रहा है कि टीम ने मौजूद लोगों से देवेंद्र पाल व उनके परिवार के बारे में पूछताछ भी की। देवेंद्र के चाचा देवराज के दो बेटों से भी टीम ने परिवार के बारे में जानने की कोशिश की। हालांकि टीम के जाने के बाद परिवार के लोगों ने कुछ भी बताने से मना कर दिया।