उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की पिटाई के वक्त मौके पर मौजूद चश्मदीद की मौत के रहस्य को एक बार फिर सीबीआई खंगाल सकती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ सीबीआई उन डॉक्टरों से भी पूछताछ कर सकती है जो चश्मदीद के पोस्टमार्टम में शामिल रहे थे। शनिवार को जिला अस्पताल के स्टाफ में सीबीआई के आने की जोरों पर चर्चा रही।
उन्नाव कांड: पीड़िता के पिता की पिटाई के चश्मदीद की मौत सीबीआई के लिए बनी रहस्य, डॉक्टर भी रडार पर
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3 अप्रैल 2018 की शाम विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सेंगर ने दुष्कर्म पीड़िता के पिता को बेरहमी से पीटा था। जिस वक्त पीड़िता के पिता को पीटा जा रहा था गांव का एक व्यक्ति अपनी दुकान पर बैठकर यह सब होते देख रहा था। घटना का वह अकेला चश्मदीद था। 8 अप्रैल को पीड़िता के पिता की मौत के बाद सीबीआई ने जांच शुरू की तो इसी गांव के चश्मदीद से पूछताछ के बाद उसका नाम भी प्रमुख गवाहों की सूची में शामिल किया गया था।
18 अगस्त 2018 को चश्मदीद यूनुस की मौत हो गई थी। दुष्कर्म पीड़िता के चाचा ने विधायक पक्ष के लोगों पर जहर देकर मार डालने का आरोप लगाते हुए डीएम और एसपी से पोस्टमार्टम कराने की मांग की। हालांकि मृतक की पत्नी शबीना खातून व परिजनों ने यूनुस के काफी समय से बीमार होने और बीमारी के कारण ही मौत होने की बात कही थी।
हालांकि मामला सुर्खियों में आने पर पुलिस ने 26 अगस्त को शव कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया था। सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी बीमारी से मौत होने की बात सामने आई थी। 28 जुलाई को रायबरेली के गुरुबख्शगंज में हुई घटना और उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद जांच कर रही सीबीआई ने मामले में तेजी पकड़ते हुए हर उस बिंदु को भी खंगालना शुरू किया है।