UNNAO RAPE CASE: CBI जांच में उखड़ने लगे पुराने मामले, किशोरी के चाचा ने कही ये बात
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सीबीआई जांच शुरू होते ही विधायक और उनके गुर्गों की दबंगई के शिकार हुए लोगों में अपना मुंह खोलने की हिम्मत जुटाने लगे हैं। करीब छह महीने पहले ट्रैक्टर से कुचलकर युवक की मौत की घटना में एफआईआर दर्ज कराने की बात पर विधायक के लोगों ने मृतक के भाई पर रिपोर्ट दर्ज न कराने का दबाव बनाया। वह नहीं माना तो उसके साथ मारपीट कर जेल भेजवा दिया गया था।
पीड़ित रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पूर्व में दिए गए शिकायती पत्रों का संकलन कर रहा है। इसी तरह जमीन पर कब्जे का विरोध करने पर एक गरीब से मारपीट की गई। मारपीट की एक घटना में एससी बिरादरी के एक युवक संदिग्ध हालात में मौत हो गई। हालांकि पुलिस ने आत्महत्या का मामला दर्ज कर निपटा दिया। ऐसे ही करीब दर्जन भर लोग अब रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी में हैं।
किशोरी के चाचा ने बताया कि माखी पुलिस थाना केवल कहने भर को पुलिस थाना है। वैसे वहां विधायक व उनके गुर्गो के लिए डाकखाना की तरह काम होता है। पीड़ित किशोरी के चाचा ने बताया कि दिल्ली में रहते हुए उसपर आधा दर्जन झूठे मुकदमे दर्ज कर दिए गए और वांछित अपराधी घोषित कर पुलिस गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए। जबकि जिस समय मुकदमे दर्ज हुए वह शहर तो क्या उत्तर प्रदेश में ही नहीं था। यही नहीं गिरफ्तारी में न्यालाय से रोक (स्टे) लेने के बाद भी दरोगा दिल्ली पहुंच गया और उसके साथ मारपीट की।
किशोरी के चाचा का आरोप है कि माखी थाने में वही होता है जो माननीय या उनके लोग चाहते हैं। मारपीट कर सताए व्यक्ति को ही अवैध तमंचा, मादक पदार्थ, कच्ची शराब या शांतिभंग के आरोप में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजना इस पुलिस थाने का दस्तूर है।