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बैंक लॉकर से 30 लाख के जेवर गायब: दो पर गिरी गाज, मामले की फिर होगी जांच, प्रबंधन की अपील- ग्राहक बैंक आकर चेक करें लॉकर

Tue, 05 Apr 2022 01:13 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 05 Apr 2022 01:13 PM IST
सार

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की कराची खाना स्थित शाखा के लॉकरों से तीन ग्राहकों के 80 लाख के जेवर गायब होने का सच कितने समय बाद सामने आएगा यह तो पुलिस और बैंक की जांच पर निर्भर करता है लेकिन एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पता चला है कि कुछ महीने पहले बैंक के उच्च प्रबंधन से अनुमति लेकर 50 के करीब बैंक लॉकर तुड़वाए गए थे।

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Case of missing jewelry worth 30 lakhs from the locker of Central Bank of India
बैंक लॉकर से 30 लाख के जेवर गायब होने का मामला - फोटो : अमर उजाला

कानपुर में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (सीबीआई) की कराची खाना शाखा में एक के बाद एक तीन लॉकरों से लाखों के जेवरात निकलने के बाद बैंक प्रबंधन ने पहली कार्रवाई की है। प्रबंधन ने बैंक मैनेजर राम प्रसाद और लॉकर इंचार्ज शुभम मालवीय का तबादला कर दिया है।



इन दोनों पर नामजद एफआईआर भी है। शुभम फरार है, इसलिए पुलिस को सबसे अधिक शक उसी पर है। वहीं, जांच के लिए एसीपी कोतवाली अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है। दो नए अफसरों की तैनाती कर दी है।

साथ ही मामले की दोबारा जांच के आदेश दिए हैं। इससे पहले बैंक प्रबंधन ने घटनाओं को ही संदिग्ध बताते हुए स्टाफ को क्लीन चिट दे दी थी। सोमवार को नए क्षेत्रीय प्रबंधक आरएम दयानंद पांडेय ने ज्वाइनिंग के बाद अफसरों के साथ बैठक की और कार्रवाई के आदेश दिए। उन्होंने बताया कि बैंक लॉकर कंपनी, स्टाफ आदि से जानकारी जुटाई जाएगी। ग्राहकों से अनुरोध है कि वे बैंक आकर अपने लॉकर खोलकर देख लें। इस दौरान वीडियोग्राफी कराई जाएगी। ग्राहक भी अपने लॉकर का वीडियो बना सकेंगे। 

Case of missing jewelry worth 30 lakhs from the locker of Central Bank of India
बैंक लॉकर से 30 लाख के जेवर गायब होने का मामला - फोटो : अमर उजाला
कुछ माह पहले तोड़े गए थे 50 से ज्यादा लॉकर, अब खुला राज 
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की कराची खाना स्थित शाखा के लॉकरों से तीन ग्राहकों के 80 लाख के जेवर गायब होने का सच कितने समय बाद सामने आएगा यह तो पुलिस और बैंक की जांच पर निर्भर करता है लेकिन एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पता चला है कि कुछ महीने पहले बैंक के उच्च प्रबंधन से अनुमति लेकर 50 के करीब बैंक लॉकर तुड़वाए गए थे।

बताया जा रहा है कि ये लॉकर सालों से ऑपरेट नहीं किए जा रहे थे और बैंक को लॉकरों का किराया भी नहीं मिल रहा था। इसके बाद प्रबंधन की अनुमति से एक कंपनी के ठेकेदार को लॉकर तोड़ने का ठेका दिया गया था। सूत्रों के अनुसार लॉकर तोड़ने के बाद बैंक प्रबंधन कह रहा था कि जिन लॉकरों को तोड़ा गया था वो सभी खाली थे। हालांकि यह कितना सच है यह जांच के बाद ही पता चलेगा।
Case of missing jewelry worth 30 lakhs from the locker of Central Bank of India
बैंक लॉकर से 30 लाख के जेवर गायब होने का मामला - फोटो : अमर उजाला
सूत्रों ने बताया कि लॉकर तोड़ने के संबंध में अफसर की ड्यूटी भी लगाई गई थी। आशंका है कि लॉकर तोड़ने के दौरान काम करने वाले कर्मचारी या किसी अफसर ने मिलीभगत करके लॉकर खाली कर दिए हों। और लॉकरों को खाली बता दिया गया हो। ऐसे में बैंक प्रबंधन की बड़े स्तर पर लापरवाही भी सामने आ रही है। यह भी हो सकता है कि इसी दौरान कुछ अन्य लॉकरों को भी खोला गया हो। गहने निकालने के बाद फिर बंद कर दिया गया हो। 

पहली बार हुआ है इस तरह का मामला
लंबे समय तक बैंक लॉकर ऑपरेट न होने पर बैंक प्रबंधन ग्राहकों के साथ आवश्यक पत्राचार करते हैं। यदि लॉकर संबंधी जानकारी नहीं मिलती है तो उच्च प्रबंधन से अनुमति लेकर बैंक के लॉक तोड़े जाते हैं। सूत्रों ने बताया कि तमाम शाखाओं में यह प्रक्रिया अपनाई जाती है लेकिन सेंट्रल बैंक इंडिया की कराचीखाना शाखा में इस तरह के मामले पहली बार सामने आ रहे हैं।     

 
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Case of missing jewelry worth 30 lakhs from the locker of Central Bank of India
घटना की जानकारी देते बैंक अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
सामान मिलने पर यह होती है प्रक्रिया
लॉकर तोड़े जाने के मामले में बैंक प्रबंधन जहां पहले अनुमति लेता है वहीं किसी लॉकर से सामान आदि निकलने पर अपने सबसे पुराने ग्राहकों, अधिवक्ता, बैंक मैनेजर, लॉकर इंचार्ज की मौजूदगी में सामान निकलवा कर उसे सील करता है और उसे सुरक्षित रखा जाता है। किसी ग्राहक के दावा करने पर उसे सामान देता है। अब पूरे मामले में यह प्रक्रिया अपनाई गई है या नहीं। यह जांच का विषय है।

 
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Case of missing jewelry worth 30 lakhs from the locker of Central Bank of India
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
धोखाधड़ी पर शुल्क की सौ गुना राशि तक की भरपाई
बैंक लॉकर में चोरी, धोखाधड़ी, आग या अन्य नुकसान की स्थिति में ग्राहक को सालाना शुल्क का सौ गुना तक भुगतान किया जाएगा। तीन से आठ हजार रुपये शुल्क लिया जाता है। हालांकि यह तभी संभव है जब यह सिद्ध हो जाए कि चोरी हुई है या धोखाधड़ी की गई है।
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