...अाैर अांखाें के सामने छा गया अंधेरा
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मौके पर दिखे अपनों के लिए बिलबिलाते चेहरे
जाे इस बड़ी घटना में बचे उनकी भयभीत नजरें पूरी कहानी बयां कर रही थीं। छत्तीसगढ़ की कुसुम ने बताया कि अचानक धुंअा का एेसा गुब्बार फूटा कि अांखाें के सामने अंधेरा सा ही छा गया। कुसुम की तीन माह की बच्ची अाैर उसका पति अंदर मलबे में फंसे हुए थे। उसके अांखाें से निकलते अांसू रूकने का नाम नहीं ले रही थी। यह दर्द जिसने भी सुना वह अपनी अांख से अांसू राेक न पाया।
मलबे तले दबे अधिकतर मजदूर छत्तीसगढ़ के
ये लोग मलबे के पास ही जमा हैं। इनमें ज्यादातर वे लोग है जों निर्माणाधीन बिल्डिंग में ही काम पर लगे हुए थे। इनमें अधिकतर छत्तीसगढ़ के मजदूर है।अपनों की उम्मीद में खड़े ये लोग लगातार रो रहे हैं। घायलों के निकालने का काम लगातार जारी है। जिन्हें बाहर निकाला जा रहा है, ये उन्हें देखने के लिए दौड़ रहे है। इस आस में कि कहीं उनका अपना तो नहीं।
भारतीय सेना कि तीन टुकड़ियां बचाव कार्य जुटी
भारतीय सेना कि तीन टुकड़ियां बचाव कार्य में जुटी है अाैर माेर्चा संभाल लिया है। वहीं बनारस अाैर लखनऊ से एनडीअारएफ की टीम भी घटनास्थल के लिए रवाना हाे चुकी है। बताया जा रहा है कि रात भर बचाव कार्य जारी रहेगा। डिआइजी राजेश मोदक ने सात लोगों की मौत की पुष्टि की है।
मलबा ज्यादा होने के कारण बुलवानी पड़ी क्रेन