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Bird Flu: कानपुर चिड़ियाघर में बब्बर शेर, मोर के बाद ब्राह्मी डक पक्षी की हुई मौत, बाड़े को कराया गया सैनिटाइज
Sun, 18 May 2025 11:31 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 18 May 2025 11:31 AM IST
सार
Kanpur News: एनआईएचएसएडी भोपाल से आयी फाइनल रिपोर्ट में शेर व मोर में संक्रमण की पुष्टि हुई है। डक पक्षी के शव को जांच के लिए बरेली भेजा जाएगा। बाड़े को सैनिटाइज कराया गया।
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बाड़ों में किया गया सैनिटाइजेशन
- फोटो : अमर उजाला
चिड़ियाघर में बब्बर शेर, मोर के बाद शनिवार देर शाम ब्राह्मी डक पक्षी की मौत हो गई। कर्मचारियों ने उसे सुरक्षित तरीके से बाहर निकला और बाड़े को सैनिटाइज कराया। रविवार को उसका शव जांच के लिए बरेली भेजा जाएगा। वहीं शनिवार को भोपाल स्थित राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान (एनआईएचएसएडी) से आई फाइनल रिपोर्ट में बब्बर शेर और मोर की मौत बर्ड फ्लू से होने की पुष्टि हुई है। संक्रमण का पता चलते ही सभी बाड़ों मे सैनिटाइजेशन और फॉगिंग शुरू हो गई है। चिड़ियाघर के आसपास एक किलोमीटर क्षेत्र को रेड जोन घोषित कर दिया है।
बाड़ों में किया गया सैनिटाइजेशन
- फोटो : अमर उजाला
रेड जोन हुआ एक किलोमीटर का क्षेत्र
जू निदेशक श्रद्धा यादव ने बताया कि चिड़ियाघर के आसपास एक किलोमीटर का क्षेत्र रेड जोन घोषित कर दिया है। चिड़ियाघर को छह जोन में बांटकर सैनिटाइज मशीनें चलाई जा रही है। नई बड़ी मशीन भी खरीदी गई है। वन्य जीवों को बचाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। उनके खाने पीने की रिपोर्ट ली जा रही है। अब तक की रिपोर्ट में सभी पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं।
जू निदेशक श्रद्धा यादव ने बताया कि चिड़ियाघर के आसपास एक किलोमीटर का क्षेत्र रेड जोन घोषित कर दिया है। चिड़ियाघर को छह जोन में बांटकर सैनिटाइज मशीनें चलाई जा रही है। नई बड़ी मशीन भी खरीदी गई है। वन्य जीवों को बचाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। उनके खाने पीने की रिपोर्ट ली जा रही है। अब तक की रिपोर्ट में सभी पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं।
जू निदेशक श्रद्धा यादव
- फोटो : अमर उजाला
क्षेत्र में चिकन की दुकानें बंद कराई जाएं
चिड़ियाघर प्रशासन ने रेड जोन क्षेत्र में सैनिटाइजेशन कराने के लिए नगर निगम को पत्र लिखा है। क्षेत्र में कहीं भी मृत पक्षी मिलता है तो उसका सैंपल लिया जाएगा। शहर में भी नजर रखी जा रही है संबंधित नोडल अधिकारी को सूचित कर दिया गया है। आसपास की चिकन की दुकानों को बंद कराने का निर्देश है।
इसे कहते हैं बर्ड फ्लू
बर्ड फ्लू को एवियन इंफ्लुइंजा भी कहते हैं। यह मूलत: पक्षियों का संक्रामक रोग है। यह वायरस से होता है। जंगली और पालतू दोनों तरह के पक्षियों को संक्रमित करता है। पहली बार इसकी पहचान पक्षियों में होने से इसे बर्ड फ्लू कहते हैं। जब वायरस म्यूटेशन से अपने को बदल लेता है तो पक्षियों में मनुष्यों में फैलने लगता है। एच5एन1 बर्ड फ्लू का सबसे आम रूप है।
चिड़ियाघर प्रशासन ने रेड जोन क्षेत्र में सैनिटाइजेशन कराने के लिए नगर निगम को पत्र लिखा है। क्षेत्र में कहीं भी मृत पक्षी मिलता है तो उसका सैंपल लिया जाएगा। शहर में भी नजर रखी जा रही है संबंधित नोडल अधिकारी को सूचित कर दिया गया है। आसपास की चिकन की दुकानों को बंद कराने का निर्देश है।
इसे कहते हैं बर्ड फ्लू
बर्ड फ्लू को एवियन इंफ्लुइंजा भी कहते हैं। यह मूलत: पक्षियों का संक्रामक रोग है। यह वायरस से होता है। जंगली और पालतू दोनों तरह के पक्षियों को संक्रमित करता है। पहली बार इसकी पहचान पक्षियों में होने से इसे बर्ड फ्लू कहते हैं। जब वायरस म्यूटेशन से अपने को बदल लेता है तो पक्षियों में मनुष्यों में फैलने लगता है। एच5एन1 बर्ड फ्लू का सबसे आम रूप है।
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एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे फैलता है
बर्ड फ्लू संक्रमित पक्षी या व्यक्ति के मल, लार तथा दूषित सतह के संपर्क में आने से फैलता है। कभी-कभी यह रोगी के खांसने पर मुंह से निकले थूक के कण के संपर्क में आने से भी हो जाता है।
रेड जोन
रेड जोन असुरक्षित माने-जाने वाले क्षेत्र को कहते हैं। बीमारी को लेकर जो क्षेत्र रेड जोन घोषित होता है, वहां संक्रमण के फैलाव को लेकर सतर्कता बरती जाती है। रोग से बचाव के विशेष एहतियात बरते जाते हैं। वहां रोग के फैलाव को लेकर अलर्ट रहता है।
बर्ड फ्लू संक्रमित पक्षी या व्यक्ति के मल, लार तथा दूषित सतह के संपर्क में आने से फैलता है। कभी-कभी यह रोगी के खांसने पर मुंह से निकले थूक के कण के संपर्क में आने से भी हो जाता है।
रेड जोन
रेड जोन असुरक्षित माने-जाने वाले क्षेत्र को कहते हैं। बीमारी को लेकर जो क्षेत्र रेड जोन घोषित होता है, वहां संक्रमण के फैलाव को लेकर सतर्कता बरती जाती है। रोग से बचाव के विशेष एहतियात बरते जाते हैं। वहां रोग के फैलाव को लेकर अलर्ट रहता है।
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बाड़ों में किया गया सैनिटाइजेशन
- फोटो : अमर उजाला
बचाव के लिए यह करें
- संक्रमित पक्षी या रोगी से दूर रहें
- अधिपका मांस या अंडे न खाएं
- हाथों को गुनगुने पानी से साबुन से मलकर धोएं
- बाहर निकलें तो मास्क का इस्तेमाल करें
- बाहर से घर जाएं तो हाथों को अच्छी तरह से साफ करें।
- संक्रमित पक्षी या रोगी से दूर रहें
- अधिपका मांस या अंडे न खाएं
- हाथों को गुनगुने पानी से साबुन से मलकर धोएं
- बाहर निकलें तो मास्क का इस्तेमाल करें
- बाहर से घर जाएं तो हाथों को अच्छी तरह से साफ करें।