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बिकरू कांड: बसपा नेता के रिश्तेदारों को बनाया जाएगा आरोपी, पुलिस की लापरवाही आई सामने
Fri, 19 Mar 2021 02:22 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 19 Mar 2021 02:22 PM IST
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विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
बिकरू कांड में भिंड के बसपा नेता के रिश्तेदारों को भी आरोपी बनाया जाएगा। पनकी थाने में दर्ज आर्म्स एक्ट के केस में उनका नाम जोड़ा जाएगा। इनको दहशतगर्दों का मददगार भी माना जाएगा। इसलिए दूसरी एफआईआर में भी नाम जोड़ा जाएगा।
विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
एसटीएफ और पुलिस के अफसरों ने बैठक कर इसका निर्णय लिया है। एसटीएफ ने एक मार्च को संजय सिंह परिहार, मनीष यादव, अमन शुक्ला, अभिनव तिवारी, रामजी, विष्णु कश्यप और शुभम पाल को असलहों के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
इसमें सात एफआईआर दर्ज कराई गई थीं। एसटीएफ की जांच के मुताबिक भिंड के बसपा नेता सत्यवीर सिंह यादव के रिश्तेदार बंटी यादव व मंगल यादव ने भी बिकरू कांड में इस्तेमाल असलहों की खरीदारी की। लिहाजा अब उनको भी आरोपी बनाया जाएगा।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने इन सभी सात आरोपियों के अलावा अर्पित मिश्र, विक्की यादव व मोहन अवस्थी पर विकास दुबे व उसके साथियों की मदद करने का भी एक केस दर्ज किया है। पुलिस अफसरों के मुताबिक असलहों के सभी आरोपियों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
विवेचना भी बदलेगी
मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही रही है। दो सप्ताह से अधिक का समय बीतने के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया। हैरानी की बात ये है कि पुलिस ने एसटीएफ के इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार सिंह को वादी बनाया है। ये बात एसटीएफ के अफसरों को पता ही नहीं। जबकि मामले में पुलिस को वादी बनना चाहिए। जांच दरोगा मनोज पाठक को दी गई है। दरोगा से विवेचना इंस्पेक्टर को ट्रांसफर की जाएगी।
मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही रही है। दो सप्ताह से अधिक का समय बीतने के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया। हैरानी की बात ये है कि पुलिस ने एसटीएफ के इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार सिंह को वादी बनाया है। ये बात एसटीएफ के अफसरों को पता ही नहीं। जबकि मामले में पुलिस को वादी बनना चाहिए। जांच दरोगा मनोज पाठक को दी गई है। दरोगा से विवेचना इंस्पेक्टर को ट्रांसफर की जाएगी।