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इस शुभ मुहूर्त में मनाएं भाई दूज, जानिए भाई–बहन को क्यों करना चाहिए यमुना में स्नान
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 03 Mar 2018 10:10 AM IST
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भाई दूज
यूपी और आसपास वाले तमाम राज्यों में होली के दूसरे दिन भाई दूज का त्योहार मनाने का बड़ा ही खास महत्व है। इस बार यह 3 मार्च को है.होली के बाद पड़ने वाली द्वितीया तिथि को देशभर में ‘भाई-दूज’ का त्योहार मनाया जा रहा है।
भाई दूज
पूजन मुहूर्त- पूजन मंत्र: ॐ सूर्यपुत्राय विद्महे महाकालाय धीमहि तन्नो यमः प्रचोदयात्॥
पूजन मुहूर्त: प्रातः 11:10 से दिन 12:10 तक.
पूजन मुहूर्त: प्रातः 11:10 से दिन 12:10 तक.
भाई दूज
दक्षिणमुखी होकर यमराज का दशोपचार पूजन करें। सरसों के तेल का दीप करें, लोहबान की धूप करें, तेजपत्ता चढ़ाएं, सुरमा चढ़ाएं, लौंग, नारियल, काली मिर्च, बादाम चढ़ाएं तथा रेवड़ियों भोग लगाकर 108 बार विशिष्ट मंत्र जपें. इसके बाद रेवड़ियां प्रसाद स्वरूप में किसी कुंवारी को बांट दें।
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भाई दूज
इस दिन भाई–बहन यमुना में स्नान करते हैं, यम उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते हैं। इस दिन बहनें अपने भाइयों का हस्त पूजन करती हैं। भाई के हाथों में चावल का घोल व सिन्दूर लगाकर कद्दू के फूल, पान, सुपारी मुद्रा आदि हाथों पर रखकर पानी हाथों पर छोड़ते हुए विशेष श्लोक कहती है।
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भाई दूज
बहनें भाई के सिर पर तिलक लगाकर उनकी आरती करके हथेली में कलावा बांधती हैं। इस दिन संध्या में यम व यमी यमराज के नाम से चौमुख दीया जलाकर घर के बाहर रख जाता है व यमराज का विशेष पूजन किया जाता है।