उत्तर प्रदेश के औरैया में हाइड्रा चालक कारोबारी दिलीप यादव की हत्या मामले में नई-नई बातें सामने आ रही हैं। पांच मार्च को शादी होने के बाद दिलीप अपनी पत्नी प्रगति के साथ खाटू श्याम के दर्शन के साथ हनीमून जाना चाहता था, लेकिन बीच में होली का त्योहार था। ऐसे में पहले त्योहार पर बहू का मायके में रहना रीति रिवाजों के तहत जरूरी था। इससे दिलीप ने अपनी प्लानिंग बदलते हुए अपने हाइड्रा व क्रेन के काम पर ध्यान टिका दिया था। परिजनों व दोस्तों की माने तो हनीमून को लेकर उससे हंसी मजाक भी हुआ करता था। बातचीत में वह खाटू श्याम के दर्शन के बाद हनीमून पर जाने का जिक्र कर रहा था, लेकिन इससे पहले ही उसे प्रगति ने शूटरों के जरिए मौत के घाट उतरवा दिया।
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auraiya murder case
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प्रगति के चढ़ावे में खूब चढ़े थे गहने
शादी के 15 दिन बाद अपनी जान गंवाने वाले हाइड्रा चालक दिलीप का मामला हर किसी के जहन में कई सवाल खड़े कर रहा है। दिलीप के बड़े भाई संदीप ने बताया कि भाई की शादी पांच मार्च को थी। इसके 15 दिन पहले से ही तैयारी शुरू हो गई थी। परिवार के लोगों ने बहू प्रगति को चढ़ावे में खूब गहने दिए थे। दिलीप ने भी शादी को यादगार बनाने के लिए इंतजाम किए थे। शादी के लिए 18 लाख से ज्यादा के आभूषण खरीदे गए थे। मुंह दिखाई में घर पर रिश्तेदारों ने प्रगति को खूब गिफ्ट दिए थे, लेकिन प्रगति ने दिलीप की हत्या करवा दी। इससे सबके चेहरे की खुशी गम में बदल गई। संदीप का कहना है कि अब तो दोषियों को उनके किए की सजा मिले।
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मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड जैसी औरैया में हुई वारदात की पटकथा मैनपुरी में लिखी गई थी। दिलीप कुमार यादव मूलरूप से भोगांव के नगला दीपा का रहने वाला था। 5 मार्च को शादी के बाद प्रगति को वह परिजन सहित विदा कराकर नगला दीपा ही लाया था। यहीं मुंह दिखाई की रस्म हुई थी। इसके बाद 10 मार्च की शाम प्रगति को उसके भाई एक रस्म के तहत मायके ले गए थे। 12 मार्च को प्रगति दिबियापुर, औरैया स्थित दिलीप के ऑफिस में उससे मिलने आई थी। दो घंटे तक दोनों एक साथ रहे थे।
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प्रगति ने मुंह दिखाई में मिले एक लाख रुपये दिए थे एडवांस
बीती 19 मार्च को भोगांव थाना क्षेत्र के नगला दीपा के निवासी कारोबारी दिलीप कुमार यादव (24) पर कन्नौज के उमर्दा में शूटरों ने हमला किया था। शूटरों ने उसके साथ मारपीट की। इसके बाद सिर के पिछले हिस्से में गोली मार दी थी। 21 मार्च को इलाज के दौरान दिलीप की मौत हो गई। औरैया पुलिस ने खुलासा किया है कि दिलीप की हत्या उसकी ही पत्नी प्रगति ने ही कराई थी। उसने अपने प्रेमी फफूंद निवासी अनुराग यादव और अछल्दा निवासी शूटर रामजी नागर के जरिये करा दी। दो लाख रुपये में हत्या तय की गई। प्रगति ने मुंह दिखाई में मिले एक लाख रुपये बतौर एडवांस हत्या के लिए दिए।
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तीन साल से होती थी दोनों में बात, दिलीप की जिद के आगे झुका परिवार
मृतक दिलीप के भाई अक्षय यादव ने बताया कि वह चार भाई और एक बहन हैं। सबसे बड़े भाई संदीप यादव हैं, उनकी शादी पारुल के साथ 2019 में हुई थी। भाभी पारुल की छोटी बहन प्रगति और दिलीप के बीच तीन साल पहले वार्ता शुरू हुई थी। पिछले एक साल से दिलीप परिजन से जिद कर रहा था कि उसकी शादी प्रगति के साथ ही कराई जाए। परिजन भी दिलीप की जिद के आगे झुक गए। हालांकि दिलीप के भाई और भाभी इस शादी के लिए तैयार नहीं थे, दिलीप ने खुद ही परिवार के साथ जा-जाकर प्रगति के लिए शादी पर देने के लिए साड़ी से लेकर आठ लाख रुपये के गहनों तक की खरीदारी की थी।