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जेल में बंदी पर हमला, पत्नी ने बताया जान का खतरा, सुर्खियों में रहता है ये जिला कारागार

Sun, 22 Jul 2018 07:44 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Sun, 22 Jul 2018 07:44 AM IST
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attack on prisoner in hamirpur jail
जांच करने जाते एडीएम कुंजबिहारी अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला
बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या की घटना के बाद भी जेल प्रशासन अलर्ट नहीं है। शनिवार को यूपी के हमीरपुर जिला कारागार में भी बड़ा खूनी संघर्ष होते-होते बचा। जिला कारागार में निरुद्ध विचाराधीन बंदी पर दो बंदियों ने धारदार हथियार (चाकू) से हमला कर दिया। इससे जेल प्रशासन के हाथपांव फूल गए।


आननफानन में बंदी को जिला जेल की एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया। यहां बंदी ने इलाज कराने से मना कर दिया। इस पर चिकित्सक ने उसे कानपुर ले जाने को कहा, मगर जेल प्रशासन घायल बंदी को कानपुर न ले जाकर कारागार ले गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। जेल प्रशासन ने टूटे बर्तन के धारदार टुकड़े से खुद पर हमला करने की बात कही है।  

कुरारा थानाक्षेत्र के झलोखर निवासी बाबूराम बग्घा (40) पुत्र कारेलाल अपने बड़े भाई मुन्ना की हत्या में 15 जनवरी 2017 से जिला कारागार की बैरक दो में निरुद्ध है। इसी बैरक में दूसरा विचाराधीन बंदी संजय उर्फ लाड़ी भी करीब एक वर्ष से है। बंदी बाबूराम ने बताया शनिवार सुबह करीब 11 बजे बंदी संजय और एक अन्य बंदी आए और चाकू से उसके पेट पर हमला कर दिया, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा।


 
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attack on prisoner in hamirpur jail
जिला अस्पताल से बंदी को कारागार ले जाते जेल कर्मी - फोटो : अमर उजाला
घायल करने वाले उसे अपने ग्रुप में ही रहने की बात कह रहे थे। उसके मना करने पर घटना को अंजाम दिया। मामले की सूचना पर जेल प्रशासन ने एंबुलेंस से घायल बंदी को जिला अस्पताल भिजवाया। चिकित्सक ने उसका इलाज करना चाहा, मगर बंदी ने इलाज कराने से मना कर दिया। डॉ. आरडी बनर्जी ने बताया वे किसी का जबरन इलाज नहीं कर सकते।

बंदी के मना करने पर उन्होंने उसका इलाज नहीं किया। जेल कर्मियों को सलाह दी कि बंदी को कानपुर ले जाए। उधर जेल प्रशासन बंदी को कानपुर न ले जाकर, जिला कारागार ले गए। कारागार के चिकित्सक ने उसका प्राथमिक उपचार किया। जानकारी के अनुसार घायल बंदी के दो टांके लगाए गए हैं। उसके पेट में गहरा घाव है। इस मामले में प्रभारी जेल अधीक्षक व अपर जिलाधिकारी कुंजबिहारी अग्रवाल का कहना है कि बंदी ने खुद को धारदार चम्मच से घायल किया है। जिला कारागार में उपचार हो रहा है। उसकी हालत ठीक है।

 
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डीएम से शिकायत करने जाती घायल बंदी की पत्नी - फोटो : अमर उजाला
बंदी की पत्नी ने बताया जान का खतरा
घायल बंदी की पत्नी संपत देवी ने शनिवार को डीएम को दिए शिकायती पत्र में बताया 17 जुलाई को बैरक में हेड मुंशी निरंजन, दो लंबरदार व एक बंदी ने लाठी से उसके पति की पिटाई की थी। पति के शरीर, कूल्हा और पैरों के तलुवों पर चोटें हैं। पत्नी ने आशंका जताई कि उसके पति की जेल में हत्या कराई जा सकती है। बताया 19 जुलाई को उसका ेपुत्र आकाश मिलाई करने जेल गया था। तब उसे जेल के अंदर मारपीट करने की जानकारी हुई। पीड़िता ने पति का मेडिकल परीक्षण कराने व जिला कारागार में सुरक्षा की मांग की है।  

तीन महीने बाद भी नहीं लगे सीसीटीवी 
बागपत जेल में हत्या की घटना के बाद भी जेल प्रशासन सतर्क नहीं है। यही वजह है कि छोटी-छोटी खुन्नस के चलते जेल में भी अब वारदातें होने लगी हैं। इन पर अंकुश लगाने व जेल की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सरकार ने जेलों में सीसीटीवी लगाए जाने के निर्देश दिए हैं। जिला कारागार को मई में 27 कैमरे भी आवंटित हो चुके हैं। मगर अभी तक सीसीटीवी कैमरों को पूरी तरीके से लगाया नहीं जा सका है। जेलर पीके त्रिपाठी का कहना है कैमरों को लगाए जाने का कार्य चल रहा है, चार कैमरे लग चुके हैं।  

 
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डीएम से शिकायत करने जाती घायल बंदी की पत्नी, जांच करने जाते एडीएम - फोटो : अमर उजाला
सुर्खियों में रहता है जिला कारागार       
जिला कारागार इन दिनों सुर्खियों में है। कभी बंदियों की बेरहमी से पिटाई या फिर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बार बालाओं का डांस। इन्हीं मामलों को लेकर जेल अधीक्षक व जेल के चिकित्सक निलंबित हो चुके हैं। पूरे प्रकरण की जांच लखनऊ एसटीएफ कर रही है। 11 जून को जिला कारागार में पांच बंदियों की बेल्टों से पिटाई करने व सांस्कृतिक कार्यक्रम में बार बालाओं के डांस किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। जांच करने जेल डीआईजी इलाहाबाद बीआर वर्मा आए थे। शासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जेल अधीक्षक हरिबख्श सिंह व जेल के डाक्टर विक्रम को निलंबित कर मामले की जांच एसटीएफ को दी है।  

जेल अधीक्षक की नहीं हुई तैनाती 
बंदियों की पिटाई व बार बालाओं के डांस के मामले में वायरल वीडियो प्रकरण में पिछले 18 जून को निलंबित हुए जेल अधीक्षक के स्थान पर अभी तक किसी नए जेल अधीक्षक की तैनाती नहीं हुई है। जिलाधिकारी आरपी पांडेय ने एडीएम कुंजबिहारी अग्रवाल को जिला कारागार के जेल अधीक्षक का अतिरिक्त कार्यभार दिया है। 
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