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जब अटल बोले... मत चूको चौहान, प्रधानमंत्री बनने के बाद भी दोस्तों से था लगाव

Fri, 17 Aug 2018 07:57 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Fri, 17 Aug 2018 07:57 AM IST
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Atal Bihari Vajpayee memories of hardoi district
शाहाबाद चुनाव प्रचार के लिए आए अटल बिहारी वाजपेयी डाकबंगले में भाजपा नेता गंगाभक्त सिंह के साथ नाश्ता करते हुए (फाइल फोटो)  - फोटो : अमर उजाला
देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का हरदोई जिले से गहरा नाता रहा है। वो वर्ष 1945 में संडीला में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक बनकर आए और कई वर्षों तक यहां सक्रिय रहे। कुछ समय बाद विभाग प्रचारक बनाए जाने पर हरदोई के साथ ही सीतापुर और लखीमपुर में भी सक्रिय रहे। आखिरी बार वो वर्ष 1996 में यहां आए थे। जिले में अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़ी कुछ प्रमुख घटनाओं, यात्राओं और आयोजनों से जुड़ी एक रिपोर्ट।  


संडीला के दुर्गागंज में रहकर सींची संघ की पौध 
अटल बिहारी वाजपेयी वर्ष 1945 में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक बनकर  संडीला आए थे। इस दौरान वो संडीला के दुर्गागंज इलाके में कन्हैयालाल गुप्ता (गुड़ वालों) के घर पर रुकते थे। यहां उनके घनिष्ठ सहयोगी के रूप में कन्हैयालाल गुप्ता, मुकुल बिहारी रस्तोगी, प्रताप नारायण पांडेय और प्रख्यात साहित्यकार वचनेश त्रिपाठी कार्य करते थे। संडीला के दुर्गागंज में जिस घर में अटल बिहारी वाजपेई रहते थे, वह आज भी जीर्ण शीर्ण हालत में सुरक्षित है।  


 
Atal Bihari Vajpayee memories of hardoi district
लखनऊ विश्वविद्यालय का चित्र, इसमें अटल बिहारी वाजपेयी और शिवशंकर लाल गुप्ता साथ में हैं (फाइल फोटो)  - फोटो : अमर उजाला
कछौना में शुरू की थी तीन शाखाएं
पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जब संडीला में आरएसएस के प्रचारक के तौर पर कछौना में तीन शाखाएं शुरू की थीं। पहली शाखा जनता इंटर कालेज परिसर, दूसरी शाखा रतन सिंह बाजार के पीछे के मैदान में और तीसरी शाखा तुलसी बाग में लगती थी। तब अटल जी कछौना के मुख्य चौराहे पर स्थित मंदिर परिसर में रुकते थे। यहीं संघ के विस्तार की योजना बनती थी। उनके साथ राधेश्याम प्रवासी, रतन सिंह, महादेव पासी, अशर्फीलाल भगत, रामकुमार वैद्य, काशीनाथ पांडेय, रामभरोसे सहयोगी के रूप में कार्य करते थे।  

 
Atal Bihari Vajpayee memories of hardoi district
संडीला के दुर्गागंज इलाके में कन्हैयालाल का घर, यहां अटल जी रुकते थे - फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री बनने के बाद भी दोस्तों से था लगाव
प्रधानमंत्री बनने के बाद भी अटल बिहारी वाजपेयी का हरदोई के प्रति लगाव कम नहीं हुआ था। प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने जनपद के दो पुराने मित्रों से मिलने की इच्छा जताई। प्रधानमंत्री कार्यालय से पत्र भेजकर उनके दोस्तों को बुलाया गया। इनमें शहर कोतवाली क्षेत्र के चौहान थोक निवासी शिवशंकर लाल गुप्ता भी शामिल थे। वह 11 सितंबर 2003 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से मिले थे। शिवशंकर लाल गुप्ता प्रतिष्ठित सनातन धर्म इंटर कालेज से प्रवक्ता के पद से सेवानिवृत्त हो चुके थे। वह अटल बिहारी वाजपेयी के संपर्क में 1954 में लखनऊ में हुए उपचुनाव के दौरान आए थे। तब अटल जनसंघ के मंत्री थे और लखनऊ से प्रत्याशी भी। उन दिनों शिवशंकर लाल गुप्ता लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र होने के साथ-साथ वहां लगने वाली संघ की शाखा के सक्रिय स्वयंसेवक थे। संडीला से कन्हैयालाल गुप्ता को भी प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने दिल्ली बुलाया था। कन्हैयालाल गुप्ता से उन्होंने संडीला के पुराने सहयोगियों के बारे में पूछा था।  
 
 
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Atal Bihari Vajpayee memories of hardoi district
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी - फोटो : अमर उजाला
गंगाभक्त सिंह, काशीनाथ, छैल बिहारी से रहीं नजदीकियां 
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की वरिष्ठ नेता गंगाभक्त सिंह से काफी नजदीकियां थीं। गंगा भक्त सिंह जब जनसंघ के प्रदेश अध्यक्ष थे तो अटल बिहारी वाजपेयी उनके सानिध्य में जनसंघ के मंत्री हुआ करते थे। संडीला के काशीनाथ मेहरोत्रा से भी अटल बिहारी वाजपेई की नजदीकियां रहीं। काशीनाथ मेहरोत्रा जनसंघ के टिकट पर संडीला से विधायक भी रहे। ख्यातिलब्ध कवि छैल बिहारी वाजपेयी से भी अटल जी के करीबी संबंध रहे। अटल जी के भाषण से पूर्व जनसभाओं में छैल बिहारी वाजपेयी देश भक्ति से ओतप्रोत कविताओं का पाठ करते थे।  

जब जनसभा में बोले अटल... मत चूको चौहान  
अटल बिहारी वाजपेई ने जिले में पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में कई बार जनसभाओं को संबोधित किया। वर्ष 1996 के सितंबर की जनसभा यादगार मानी जाती है।  बिलग्राम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी के रूप में गंगा सिंह चौहान चुनाव लड़ रहे थे। सपा प्रत्याशी के तौर पर विश्राम सिंह यादव मैदान में थे। हरपालपुर बस स्टैंड पर अटल जी की जनसभा दोपहर में 12 बजे थी। मुलायम सिंह यादव की जनसभा नखासा मैदान में सुबह 10 बजे हुई थी। मुलायम की जनसभा के बाद ग्रामीणों की भीड़ अटल बिहारी वाजपेयी को सुनने के लिए बस स्टैंड की जनसभा में पहुंच गई। यहां अटल जी को पता चला कि मुलायम की जनसभा के लोग भी आए हैं तो मंच से उन्होंने कहा कि अब सपा समर्थक भी गंगा सिंह की जनसभा में हैं। फिर गंगा सिंह से मुखातिब होते हुए कहा था... मत चूको चौहान। उसी दिन अटल जी ने बिलग्राम के बीजीआर इंटर कालेज में भी गंगा सिंह चौहान के लिए जनसभा की थी। इसका नतीजा यह हुआ कि तीन चुनाव हारने के बाद पहली बार गंगा सिंह चौहान विधायक चुने गए।   

 
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सवायजपुर गढ़ी में स्वागत के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी, गंगाभक्त सिंह, ब्रह्मदत्त द्विवेदी और तत्कालीन ब्लाक प्रमुख गीता सिंह - फोटो : अमर उजाला
जनसभाओं को संबोधित करने कई बार आए थे अटल बिहारी वाजपेयी
पिहानी के वरिष्ठ भाजपा नेता अवधेश रस्तोगी बताते हैं कि वर्ष 1974 के विधानसभा चुनाव में अटल बिहारी वाजपेयी जनसंघ के स्टार प्रचारक के तौर पर पिहानी आए थे। पिहानी विधानसभा क्षेत्र से जनसंघ के प्रत्याशी दुलारेलाल के पक्ष में उन्होंने सुबह 8 बजे जनसभा की थी। वर्ष 1991 के जून में उन्होंने तत्कालीन शाहाबाद संसदीय क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र पाल पाठक के पक्ष में जनसभा की थी। तब विधानसभा और लोकसभा चुनाव एक साथ हुए थे। इसी मंच से उन्होंने शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी गंगा सिंह चौहान और पड़ोसी तत्कालीन पिहानी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी रामबली मिश्रा के लिए भी समर्थन मांगा था। इसके अलावा 1996 के विधानसभा चुनाव में शाहाबाद से प्रत्याशी रहे गंगाभक्त सिंह के समर्थन में उन्होंने उधरनपुर, पाली, रूपापुर, सवायजपुर में जनसभाएं की थीं। शाहाबाद के बड़े मैदान में उन्होंने जनसभा की थी। हालांकि इसके बावजूद गंगाभक्त सिंह चुनाव हार गए थे। वर्ष 1952 में और फिर 1974 में जनसंघ के तत्कालीन प्रत्याशी रहे शारदाभक्त सिंह के समर्थन में भी सांडी में जनसभाएं की थीं।  

खसौरा में किया था प्रतिमा का अनावरण, सवायजपुर गढ़ी भी पहुंचे थे  
अटल बिहारी वाजपेयी 28 जनवरी 1996 को भी जनपद में आए थे। तब वह हरपालपुर विकास खंड के ग्राम खसौरा में गए थे। यहां उन्होंने इलाके के कद्दावर नेता रहे सतीश चंद्र पांडेय की प्रतिमा का अनावरण किया था। उनके साथ भाजपा के प्रदेश के कद्दावर नेता फर्रुखाबाद के तत्कालीन विधायक और पूर्व मंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी भी  थे। वह सवायजपुर गढ़ी भी गए थे। उन दिनों भाजपा की एक मात्र ब्लाक प्रमुख गीता सिंह ने अपने आवास सवायजपुर गढ़ी पर उनका स्वागत किया था। इस दौरान गीता सिंह के पुत्र मौजूदा सवायजपुर विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू भी मौजूद थे। अटल जी ने पौधरोपण भी किया था। इसके बाद सवायजपुर बस अड्डे पर उनका स्वागत कार्यक्रम हुआ था।  

 
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