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लोकसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव को लग सकता है बड़ा झटका, मुलायम का गढ़ भेदने की फिराक में भाजपा
Fri, 05 Apr 2019 11:14 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 05 Apr 2019 11:14 AM IST
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अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala
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अखिलेश यादव
- फोटो : ट्विटर
पार्टी सूत्रों की मानें तो इसकी तैयारियां भी पूरी हो गयी है। अगर ऐसा हुआ तो सपा को नुकसान हो सकता है। इटावा जिला सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव का गृह जनपद है। यहां से हमेशा समाजवादी पार्टी का पलड़ा भारी रहता है, लेकिन पिछले चुनाव में मोदी लहर के चलते भाजपा प्रत्याशी ने सपा को पछाड़ कर पौने दो लाख के बड़े अंतर से पराजित कर इटावा लोक सभा सीट पर कब्जा किया था।
समाजवादी रथ में मुलायम सिंह के साथ अखिलेश यादव
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा के टिकट पर अशोक दोहरे सांसद बने थे। इस बार भाजपा ने अशोक दोहरे का टिकट काटकर आगरा के सांसद रहे राम शंकर कठेरिया को भाजपा प्रत्याशी बनाया है। भाजपा हर हाल में इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखना चाहती है। सपा के खेमे में सेंध लगाकर पार्टी का ग्राफ बढ़ाना चाहती है।
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मुलायम सिंह यादव,अखिलेश यादव
इसकी भाजपा ने तैयारी भी कर ली है। इसी योजना के तहत पार्टी के नेताओं ने कई दिग्गज सपाइयों को अपने पाले में करने के लिए रणनीति तैयार की । इसी के तहत पार्टी के नेताओं ने पारपट्टी क्षेत्र के दो पूर्व ब्लॉक प्रमुख एक पूर्व जिला अध्यक्ष के अलावा बकेवर क्षेत्र के एक ब्राह्मण नेता को अपने पक्ष में कर लिया है।
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मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव (फाइल फोटो)
उनके साथ पारपट्टी क्षेत्र के कई गांवों के ग्राम प्रधान अपने सैकड़ों साथियों के साथ शुक्रवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ के समक्ष भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। सपा के गढ़ में भाजपा द्वारा सेंध लगाने से गठबंधन को नुकसान होगा।