दो बार निरस्त हो चुकी मनोनीत सभासदों और केडीए बोर्ड मेंबर की नियुक्ति लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद पुन: शुरू होगी। यह पद उसी पार्टी के लोगों को मिलते हैं, जिसकी प्रदेश में सत्ता होती है। परिणाम की घोषणा के बाद भाजपाइयों को इनाम मिलने वाला है। इस सूची में किसका नाम होगा, बहुत कुछ चुनाव के परिणाम पर आधारित होगा।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
प्रदेश में सरकार बनने के बाद से ही महानगर कानपुर में मनोनीत सभासदों और केडीए बोर्ड मेंबर बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। पिछले तीन वर्षों में अब तक कई बार सूची बनी और बिगड़ी।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
बताया कि चुनाव की घोषणा होने से पहले फाइनल सूची बनकर तैयार हो गई थी। तय किया गया था कि लोकसभा चुनाव के बाद घोषित की जाएगी। अब यह कहा जा रहा है कि जिस तरह का चुनाव परिणाम आएगा, इस सूची में रद्दोबदल भी उसी के अनुसार संभव है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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चुनाव में कुछ लोगों की भूमिका अच्छी होगी और कुछ की खराब, तो उस हिसाब से नाम बदल सकते हैं, या नए नाम जुड़ सकते हैं। इन सभी पदों पर भाजपा कार्यकर्ताओं को नामित करने से पहले सभी विधायकों, सांसदों और पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों से मशविरा भी किया गया था।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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सूची की घोषणा से पहले फिर से वही मशक्कत करनी पड़ सकती है। भाजपा उत्तर जिला इकाई अध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी ने बताया कि कुछ 10 मनोनीत सभासद और केडीए बोर्ड मेंबर बनाए जाने हैं।