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उन्नाव: गौशाला से रातों-रात गायब हो गए 17 गोवंश, पशु तस्करों से छुड़ाकर पुलिस लायी थी यहां

Wed, 09 Jan 2019 01:44 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 09 Jan 2019 01:44 PM IST
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17 cattle got missing from cowshed
डेमो पिक
यूपी के उन्नाव जिले में पशु तस्करों से मुक्त कराए गए 28 गोवंश में से 17 नगर पालिका की गौशाला से रातोंरात गायब हो गए। गौशाला की देखरेख कर रहे कर्मियों ने इसकी सूचना भी अधिकारियों को नहीं दी। मंगलवार को जब गोवंश के गायब होने मामला जानकारी में आया तो हड़कंप मच गया। नगर पालिका के अधिकारी व कर्मचारी मामले को दबाने में जुट गए हैं। 
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कानपुर जाजमऊ में कार को टक्कर मारकर भाग रहे एक कंटेनर को 21 दिसंबर को ललऊखेड़ा चौकी इंचार्ज जितेंद्र ने घेराबंदी कर पकड़ा था। कंटेनर से 28 गोवंश बरामद हुए थे। इनमें गिरी व पहाड़ी क्षेत्र के बैल व सांड अधिक संख्या में थे।
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पशु तस्करों पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने गोवंश को लखनऊ कान्हा उपवन भेज दिया था। हालांकि संचालक ने गोवंश रखने से इनकार कर दिया था। ऐसे में कोतवाली पुलिस ने 21 दिसंबर की रात 28 गोवंश नगर पालिका की गौशाला भेज दिए।
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17 cattle got missing from cowshed
डेमो पिक
इन गोवंश की देखरेख के लिए गौशाला में तीन कर्मचारियों को तैनात किया गया था। हालांकि कर्मचारियों की मिलीभगत से 28 में से 17 गोवंश गौशाला से गायब हो चुके हैं। मौजूदा समय में गौशाला में सिर्फ 11 गोवंश बचे हैं। इनमें तीन बैल व अन्य सांड शामिल हैं।

बाकी गोवंश कहां गए इसका जवाब न पालिका के अधिकारियों के पास है और न गौशाला के कर्मचारियों के पास। अपने बचाव में कर्मचारी गोवंश के खुद ही भाग जाने की बात कह रहे हैं जबकि पशु तस्करों द्वारा गौशाला कर्मियों के सहयोग से गोवंश को दोबारा बाहर स्लाटर हाउस तक ले जाने की सुगबुगाहट भी तेज हो गई है। 

17 cattle got missing from cowshed
डेमो पिक
गोवंश को नहीं मिला चारा
लखनऊ कानपुर राजमार्ग स्थित नगर पालिका की गौशाला में गोवंश के लिए चारा की भी व्यवस्था नहीं है। दो दिनों से उन्हें चारा नहीं दिया गया। गौशाला की देखरेख कर रहे कर्मी के अनुसार दो दिन पूर्व भूसा खत्म हो गया था। ठेकेदार से भूसा के लिए कहा गया लेकिन खरीद नहीं हो सकी। 

ठंड में खुले आसमान में काट रहे रात
गौशाला में मवेशियों को ठंड से बचाने के लिए भी कोई इंतजाम नहीं किया गया है। मवेशी ठंड में खुले आसमान के नीचे रात गुजारते हैं। गौशाला में मौजूदा समय में पशु तस्करों से छुड़ाए गए गोवंश में 11 बैल व एक गाय मौजूद हैं। इनकी सुविधा के लिए यहां कोई इंतजाम नहीं किया गया। 

क्या बोले ईओ
नगर पालिका अध्यक्ष रामपूजन श्रीवास्तव ने बताया कि गौशाला कर्मचारी ने गेट खुला रहने पर बैलों के भागने की सूचना दी थी। मामले की पूरी जानकारी कराई जा रही है।
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