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UP News: कालिंजर दुर्ग में मिलीं दसवीं शताब्दी की मूर्तियां, सहेजने में जुटा पुरातत्व विभाग, देखें तस्वीरें

Tue, 24 Jan 2023 12:04 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 24 Jan 2023 12:04 AM IST
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10th century idols found in Kalinjar Fort in banda, Archaeological Department engaged in saving
कालिंजर दुर्ग में मिली ऐतिहासिक धरोहर - फोटो : अमर उजाला

बांदा जिले में ऐतिहासिक कालिंजर दुर्ग के कोटि तीर्थ सरोवर की दीवार से ऐतिहासिक धरोहर मिली है। शिवलिंग, गणेश, भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी समेत अनेक देवी-देवताओं की प्राचीन मूर्तियां मलबे से निकली हैं। पुरातत्व विभाग मूर्तियों की सफाई कराकर इन्हें सहेजने में जुटा है।



सामाजिक संस्था कालिंजर शोध संस्थान के निदेशक अरविंद छिरौलिया के अनुसार, मूर्तियां व पत्थरों पर बनीं कलाकृतियां नवीं और दसवीं शताब्दी की हैं। कालिंजर दुर्ग में कई छोटे-बड़े सरोवर और तालाब हैं। उन्हीं में से एक कोटि तीर्थ सरोवर है।

इस सरोवर के आसपास बड़ी-बड़ी प्राचीन दीवारें हैं। हाल ही में तालाब के उत्तरी दिशा में पत्थर महल मस्जिद के तरफ की दीवार कमजोर होने के कारण ढह गई। दीवार का मलबा कोटि तीर्थ सरोवर में गिर गया। दुर्ग की देखरेख करने वाले पुरातत्व विभाग के अफसरों ने मलबा हटाना शुरू किया।

10th century idols found in Kalinjar Fort in banda, Archaeological Department engaged in saving
कालिंजर दुर्ग में मिली ऐतिहासिक धरोहर - फोटो : अमर उजाला

शिवलिंग को छोड़कर अधिकतर मूर्तियां खंडित
इस दौरान उसमें प्राचीन मूर्तियां और कलाकृतियां निकल आईं। कुछ पत्थरों पर देवी-देवताओं की नक्काशी है। इसमें भगवान विष्णु, गणेश, लक्ष्मी जी, पार्वती जी की प्रसन्न मुद्रा वाली भी मूर्तियां हैं। शिवलिंग को छोड़कर अधिकतर मूर्तियां खंडित हैं।

10th century idols found in Kalinjar Fort in banda, Archaeological Department engaged in saving
कालिंजर दुर्ग में मिली ऐतिहासिक धरोहर - फोटो : अमर उजाला

राजा अमान सिंह के महल में रखी जाएंगी मूर्तियां
मूर्तियों को मलबे से निकालकर एक्साइड पुरातत्व विभाग के कर्मी वहीं दीवार के किनारे रख रहे हैं। अभी नंबरिंग का कार्य नहीं हुआ हैं। कर्मियों का कहना है कि गोट्टी तालाब के पास राजा अमान सिंह का महल है। पहले निकली मूर्तियां उसी में रखी गई हैं। इन्हें भी उसी में रखा जाएगा। 

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10th century idols found in Kalinjar Fort in banda, Archaeological Department engaged in saving
कालिंजर दुर्ग में मिली ऐतिहासिक धरोहर - फोटो : अमर उजाला

दुर्ग में पहले भी मिली हैं कलाकृतियां
कालिंजर दुर्ग के इतिहास के जानकार समाजसेवी विवेक शुक्ला ने बताया 1986 में दुर्ग तक जाने के लिए रोड बनाई जा रही थी। तब भी खोदाई के दौरान इसी तरह से मूर्तियां निकलीं थी। उन्हें पुरातत्व विभाग ने संरक्षित कर राजा अमान सिंह महल में नंबर डालकर रखवा दिया था।

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10th century idols found in Kalinjar Fort in banda, Archaeological Department engaged in saving
कालिंजर दुर्ग में मिली ऐतिहासिक धरोहर - फोटो : सोशल मीडिया

पुरातत्व विभाग के संरक्षण में है दुर्ग
दुर्ग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि तब 282 केएफ नंबर से 305 तक की मूर्तियां और तोप के गोले निकले थे। उनको पुरातत्व विभाग ने अपने संरक्षण में ले लिया था। इसके अलावा 1960 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने कालिंजर दुर्ग को अपने संरक्षण में लिया था।

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