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UP: यशस्वी बनना चाहती थी टीचर, ऐसे हुई गैंग में शामिल; सिपाही संग नजदीकी ने फेरा दरोगा बनने के सपनों पर पानी

Sat, 09 May 2026 02:39 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: Sharukh Khan Updated Sat, 09 May 2026 02:39 PM IST
सार

यूपी पुलिस में सिपाही के सट्टा गैंग का भंडाफोड़ हुआ है। झांसी पुलिस ने सिपाही की प्रेमिका को गिरफ्तार किया है। 1.46 करोड़ के सोने के बिस्कुट समेत गहने एवं 18 लाख रुपये बरामद हुए हैं। वहीं, सिपाही के संग नजदीकी ने युवती के दरोगा बनने के सपनों पर पानी फेर दिया।

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Yashasvi wanted to become a teacher And Closeness with constable dashed dreams of becoming a Sub-Inspector
constable betting racket - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
झांसी में यूपी पुलिस के सिपाही रजत कुमार सिंह के साथ सहमति संबंध में रह रही यशस्वी द्विवेदी को लेकर कई जानकारियां सामने आई हैं। यशस्वी द्विवेदी पढ़ाई-लिखाई में काफी होशियार थी। एमए और बीएड करने के बाद पहले वह शिक्षक बनना चाहती थी, फिर दरोगा भर्ती की परीक्षा में भी शामिल हुई लेकिन रजत से दोस्ती के बाद उसकी जिंदगी अलग दिशा में चली गई। 


पुलिस के मुताबिक, रजत के कहने पर वह परिवार छोड़कर उसके साथ रहने लगी और बाद में ऑनलाइन सट्टेबाजी के कारोबार में भी शामिल हो गई।
 
Yashasvi wanted to become a teacher And Closeness with constable dashed dreams of becoming a Sub-Inspector
पुलिस द्वारा बरामद नकदी और आभूषण - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दोनों ने रॉयल सिटी जैसी पॉश कॉलोनी में फ्लैट लेकर रहना शुरू किया। पुलिस का कहना है कि रजत ऑनलाइन सट्टा खिलवाने का काम करता था और यशस्वी को इसकी पूरी जानकारी थी। वह भी इस नेटवर्क का हिस्सा बनी रही।

 
Yashasvi wanted to become a teacher And Closeness with constable dashed dreams of becoming a Sub-Inspector
पुलिस द्वारा बरामद सोने के बिस्किट - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शिक्षक बनने का सपना अधूरा रहने के बाद यशस्वी के भीतर खाकी वर्दी पहनने की इच्छा जगी। उसने दरोगा भर्ती परीक्षा की तैयारी शुरू की और पिछले महीने हुई परीक्षा में शामिल भी हुई। हालांकि, सट्टेबाजी प्रकरण में नाम सामने आने के बाद उसका यह सपना भी टूट गया। गिरफ्तारी के बाद उसने पुलिसकर्मियों से कहा कि जो उसे पत्नी का दर्जा नहीं दिला सका, उसने आखिरकार जेल पहुंचा दिया।
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Yashasvi wanted to become a teacher And Closeness with constable dashed dreams of becoming a Sub-Inspector
पुलिस की गिरफ्त में युवती - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस अब यशस्वी के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की जांच में जुटी है। आशंका है कि सट्टा गिरोह से जुड़ी रकम और संपत्ति उसके माध्यम से ठिकाने लगाई जाती थी। पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है।
 
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आरोपी सिपाही - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी छोड़कर भागने की थी तैयारी
सट्टा मामले में वांछित सुमित साहू की तलाश में पुलिस राजीव नगर स्थित उसके घर पहुंची थी। वहां सुमित नहीं मिला, लेकिन उसकी दोस्त निशा खान के बारे में जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक, निशा ने ही बताया कि यशस्वी नकदी लेकर झांसी छोड़ने की तैयारी में है। इसके बाद पुलिस रॉयल सिटी स्थित फ्लैट पहुंची, जहां रजत और यशस्वी दोनों मौजूद मिले। पुलिस ने वहां से नकदी और सोने के जेवर बरामद किए। सूत्रों का कहना है कि पैसों के बंटवारे को लेकर निशा और यशस्वी के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद पुलिस को सुराग मिला और पूरे मामले का खुलासा हो गया।
 
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