झांसी में रानी लक्ष्मीबाई के किले को भव्य तरीके से सजाया गया है। सुरक्षा के सख्त इंतजामों के साथ ही सेना के राष्ट्र रक्षा समर्पण पर्व को यादगार बनाने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। पीएम मोदी शुक्रवार को यहां पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे पहले रानी के किले में जाएंगे। किले में उस स्थान को देखेंगे जहां से रानी ने 1857 के संग्राम में घोड़े पर सवार होकर छलांग लगाई थी। इसके बाद प्रधानमंत्री किले की झंडे वाले मुख्य बुर्ज पर पहुंचेंगे। इस दौरान रानी की गौरव गाथा से संबंधित डिजिटल लाइट एंड साउंड शो भी देखेंगे।
किले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत देश की तीनों सेनाएं करेंगी। आर्मी, एयरफोर्स व नेवी के बैंड राष्ट्रभक्ति के गीतों की धुनें छेड़ेंगे। किले के मुख्य द्वार पर बुंदेलखंड के प्रमुख वाद्य यंत्र रमतूले और नगाड़े का द्वार बना है। आमोद उद्यान, पंचमहल का स्वरूप देखते ही बन रहा है।
2 of 5
रानी लक्ष्मीबाई का किला
- फोटो : अमर उजाला
वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की जयंती के अवसर पर सेना की ओर से राष्ट्ररक्षा समर्पण पर्व का आयोजन किया गया है। तीन दिवसीय इस आयोजन के अंतिम दिन शुक्रवार को प्रधानमंत्री झांसी आएंगे।
3 of 5
रानी लक्ष्मीबाई का किला
- फोटो : अमर उजाला
उनके साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व राज्यपाल आनंदी बेन पटेल भी झांसी आएंगी।
4 of 5
रानी लक्ष्मीबाई का किला
- फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी व नौ सेनाध्यक्ष एडमिरल कर्मवीर सिंह भी झांसी पहुंचेंगे।
5 of 5
रानी लक्ष्मीबाई का किला
- फोटो : अमर उजाला
झांसी में किले के मैदान में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय एमएसएमई राज्यमंत्री भानुप्रताप वर्मा, विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, जिले के प्रभारी मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री, श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ समेत झांसी, ललितपुर और जालौन जिले के विधायक, सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष समेत 750 लोग मौजूद रहेेंगे। प्रधानमंत्री शाम पांच बजे झांसी आएंगे और 90 मिनट तक रहेंगे।