उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में हिरासत में एक युवक की मौत से बवाल मच गया। ग्रामीणों ने जौनपुर-प्रयागराज मुख्य मार्ग को चकमिर्जापुर गांव के सामने जाम लगाने के बाद पथराव शुरू कर दिया, जिसमें सीओ समेत चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना बक्शा थाना क्षेत्र की है। एक फरवरी को शिवगुलामगंज के पास हुई लूट के मामले में पूछताछ के लिए गुरुवार को एक युवक को हिरासत में लिया था। जिसकी गुरुवार रात थाने में मौत हो गई थी। इसके बाद शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने जमकर बवाल किया। देखें अगली स्लाइड्स...।
सुबह दस बजे से शुरू हुआ जाम शाम 4 बजे तक जारी रहा। पूर्व सांसद धनंजय सिंह और एसपी के आश्वासन पर जाम समाप्त हुआ। उधर, इस मामले में एसपी ने सख्त कार्रवाई करते हुए बक्शा थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।
पुलिस ने गुरुवार शाम कृष्णा उर्फ किशन उर्फ पुजारी को हिरासत में लिया था। उसे थाने ले जाकर घंटों पूछताछ की गई। आरोप है कि इस दौरान उसकी जमकर पिटाई की गई, जिससे उसकी हालत खराब हो गई। पुलिस कृष्णा को नौपेड़वा सीएचसी ले गई, जहां हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इसकी खबर मिलते ही ग्रामीण उग्र हो गए और जिला अस्पताल की मोर्चरी के बाहर हंगामा करने लगे।
इस दौरान पुलिस से उनकी तीखी नोक-झोंक हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने जौनपुर-प्रयागराज मार्ग को पकड़ी ब्लाक चौराहा के पास जाम कर दिया। करीब एक घंटे बाद पुलिस पहुंची तो उनकी ग्रामीणों से झड़प हो गई और लोग पथराव करने लगे। इसमें सीओ सिटी जितेंद्र दुबे, लाइन बाजार थाने के इंस्पेक्टर क्राइम संतोष श्रीवास्तव, एसआई जयसिंह समेत चार पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। बाद में डीएम मनीष कुमार वर्मा, एसपी राजकरन नय्यर, सीआरओ राजकुमार द्विवेदी सहित भारी फोर्स मौके पर पहुंचे।
डीएम ने मजिस्ट्रेटी जांच कराकर दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया, मगर कुछ देर बाद महिलाओं ने फिर से जाम लगा दिया। वे शव को मौके पर लाने और दोषी पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग कर रहीं थीं। अपराह्न साढ़े तीन बजे पूर्व सांसद धनंजय सिंह भी पहुंच गए। डीएम-एसपी से वार्ता की। करीब आधे घंटे की वार्ता के बाद जाम समाप्त करने पर परिजन राजी हुए।