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Hathras Stampede: सिपाही से बने 'चमत्कारी बाबा' पर नया खुलासा, पुलिस जांच में सामने आया चौंकाने वाला सच
Thu, 04 Jul 2024 02:49 PM IST
शाहरुख खान
आशीष शर्मा, अमर उजाला, आगरा
आशीष शर्मा, अमर उजाला, आगरा
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 04 Jul 2024 02:49 PM IST
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Hathras Stampede
- फोटो : अमर उजाला
हाथरस में सूरजपाल उर्फ नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा के सत्संग के बाद मची भगदड़ में 121 लोगों की जान चली गई। हादसे पर मंगलवार की देर रात पुलिस की ओर से सिकंदराराऊ कोतवाली में आयोजकों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अनुमति से अधिक भीड़ एकत्रित करने, सामूहिक हत्या आदि के संगीन आरोप में यह मुकदमा दर्ज किया गया है। इस बीच सूरजपाल उर्फ नारायण साकार हरि को लेकर नए-नए खुलासे हो रहे हैं।
साकार हरि बाबा
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस भोले बाबा उर्फ सूरजपाल उर्फ एसपी सिंह उर्फ साकार विश्व हरि की कुंडली खंगाल रही है। प्राथमिक पड़ताल में सामने आया कि नारायण साकार हरि को 24 साल पहले मृत किशोरी को पुनर्जीवित करने का दावा करने के लिए गिरफ्तारी हुई थी।
साकार हरि बाबा
- फोटो : Facebook/Narayan sakar Hari
सिपाही से ‘चमत्कारी बाबा’ बनने वाले सूरजपाल सहित सात लोगों पर 18 मार्च 2000 को थाना शाहगंज में केस दर्ज हुआ था। गिरफ्तारी भी की गई थी। श्मशान घाट में 24 साल पहले एक किशोरी को मलका चबूतरा में जिंदा करने की कोशिश की गई थी।
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साकार हरि बाबा
- फोटो : Facebook/Narayan sakar Hari
पुलिस के पहुंचने पर बवाल हुआ था। पुलिस ने बल प्रयोग कर कथित बाबा के कई अनुयायियों को हिरासत में लिया था। पहले चार्जशीट लगाई थी। बाद में फाइनल रिपोर्ट लग गई। मूलरूप से बहादुर नगर, पटियाली एटा निवासी सूरजपाल खुफिया विभाग (एसपीआर कार्यालय) में सिपाही था।
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भोले बाबा मैनपुरी आश्रम पर अनुयायियों के साथ मौजूद हैं।
- फोटो : संवाद
विभाग से जुड़े पूर्व कर्मचारी ने बताया कि सूरजपाल साथ में काम करते थे। 1990 के दशक की बात है। तब उनका आना-जाना अर्जुन नगर, शाहगंज में आयोजित होने वाले एक सत्संग से हो गया। तब से ही उसने नौकरी से नाता तोड़ दिया।