{"_id":"5dcc1ba58ebc3e5b191b9c7b","slug":"big-revealing-in-kushinagar-masjid-blast-case","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"कुशीनगर मस्जिद विस्फोट मामले में बड़ा खुलासा, जांच में सामने आया बड़ा सच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुशीनगर मस्जिद विस्फोट मामले में बड़ा खुलासा, जांच में सामने आया बड़ा सच
Wed, 13 Nov 2019 08:35 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुशीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुशीनगर
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 13 Nov 2019 08:35 PM IST
विज्ञापन
कुशीनगर मस्जिद विस्फोट मामला
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुशीनगर के तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के अवरवा सोफीगंज गांव के बैरागीपट्टी स्थित मस्जिद में हुए विस्फोट मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि मस्जिद में एक से डेढ़ किलो तक विस्फोटक था। जिसे प्लास्टिक की बोरी में रखकर कमरे की छत से लटकाया गया था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
पुलिस ने मौलवी समेत चार को जेल भेज दिया
- फोटो : अमर उजाला
विस्फोट मामले में पुलिस ने पश्चिम बंगाल तक जांच पड़ताल की है। बुधवार को एटीएस लखनऊ की तीन सदस्यीय टीम ने घटनास्थल का दौरा किया। मस्जिद की क्षतिग्रस्त दीवारें, खिड़की और दरवाजों के टूटे कांच आदि की बारीकी से जांच की।
मस्जिद में विस्फोट
- फोटो : अमर उजाला
उसके बाद थाने पहुंची और गिरफ्तार चारों आरोपियों से पूछताछ की। करीब ढाई घंटे तक एसपी विनोद कुमार मिश्र से बंद कमरे में बातचीत की। ऐसे में जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। विस्फोट के समय को लेकर पुलिस को घटना के पीछे किसी बड़ी साजिश का अंदेशा है। पुलिस और एटीएस की टीम विस्फोट में आतंकी कनेक्शन ढूंढ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पूछताछ में जुटे अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
एटीएस टीम इन्हीं बिंदुओं की जांच करने मस्जिद पहुंची और कांच के टुकड़ों से विस्फोटक की तीव्रता तथा मात्रा का अनुमान लगाया। विस्फोटक की गंध को समझने की कोशिश की। यह भी जांच की जा रही है कि तीन वर्ष से गांव में रह रहे मौलवी की पश्चिम बंगाल में किस प्रकार की गतिविधियां थीं।
विज्ञापन
मस्जिद में विस्फोट
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल, पुलिस को शक है कि नौ नवंबर को अयोध्या मसले पर आए सुप्रीमकोर्ट के फैसले के बाद क्षेत्र का सौहार्द बिगाड़ने के लिए यह विस्फोटक प्रयोग हो सकता था। मुख्य आरोपी हाजी कुतुबुद्दीन अपने गांव में भी बीते वर्षों में हुईं कई घटनाओं में जिम्मेदार रहा और जेल भी गया है। विभिन्न वजहों से उसके अलीगढ़, मऊ, हैदराबाद से जुड़े होने से पूरा मामला बेहद संवेदनशील होता जा रहा है।