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Mahashivratri: श्री मत्यगजेंद्रनाथ और श्री गैविनाथ मंदिर में उमड़े श्रद्धालु; जलाभिषेक कर लिया आशीर्वाद

Fri, 08 Mar 2024 03:44 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Fri, 08 Mar 2024 03:44 PM IST
सार

Mahashivratri: श्री मत्यगजेंद्रनाथ और श्री गैविनाथ मंदिर में उमड़े श्रद्धालु; जलाभिषेक कर लिया आशीर्वाद
Mahashivratri: Devotees gathered to perform Jalabhishek in Shri Matyagjendranath and Shri Gavinath temple
 

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Mahashivratri: Devotees gathered to perform Jalabhishek in Shri Matyagjendranath and Shri Gavinath temple
श्री मत्यगजेंद्रनाथ का जलाभिषेक करते श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला

महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर चित्रकूट क्षेत्र के प्रमुख प्राचीन शिव मंदिरों में सुबह से ही भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। पवित्र नदी मंदाकिनी के पावन तट स्थित चित्रकूट के महाराजाधिराज श्री मत्यगजेंद्रनाथ शिव मंदिर के अलावा बिरसिंहपुर स्थित भगवान श्री गैवीनाथ का जलाभिषेक करने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।


 

Mahashivratri: Devotees gathered to perform Jalabhishek in Shri Matyagjendranath and Shri Gavinath temple
मंदाकिनी नदी के तट पर पूजा करते श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला

चित्रकूट की पवित्र नदी मंदाकिनी के पावन तट पर विराजमान और चित्रकूट के महाराजाधिराज कहे जाने वाले भगवान श्री मत्यगजेंद्रनाथ जी महाराज की स्थापना भगवान श्री ब्रह्मा जी द्वारा की गई थी। इन्हें स्वयंभू शिवलिंग माना जाता है। इसके अलावा इन्हें धर्म नगरी चित्रकूट धाम का महाराजाधिराज कहा जाता है। त्रेता युग में जिस समय भगवान राम को चौदह वर्षों का वनवास हुआ था और वे माता जानकी और भाई लक्ष्मण के साथ चित्रकूट में रहने के लिए आए थे। तब प्रभु राम ने लक्ष्मण को भोलेनाथ श्री मत्यगजेंद्रनाथ जी महाराज के पास चित्रकूट में रहने की आज्ञा प्राप्त करने के लिए भेजा था।

Mahashivratri: Devotees gathered to perform Jalabhishek in Shri Matyagjendranath and Shri Gavinath temple
कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला
वहीं, बिरसिंहपुर स्थित भगवान श्री गैवीनाथ को महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग उज्जैन का उपलिंग माना जाता है। साथ ही संपूर्ण विश्व में केवल श्री गैविनाथ के खंडित शिवलिंग की पूजा श्रद्धालुओं द्वारा की जाती है। चित्रकूट क्षेत्र के दोनों ही प्रमुख और प्राचीन शिव मंदिरों में शिवरात्रि के पर्व पर जलाभिषेक करने के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ है।
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Mahashivratri: Devotees gathered to perform Jalabhishek in Shri Matyagjendranath and Shri Gavinath temple
श्री गैवीनाथ के खंडित शिवलिंग का जलाभिषेक करते श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला

महाशिवरात्रि पर्व पर दूर-दूर से भोलेनाथ का जलाभिषेक करने चित्रकूट पहुंचे भक्तों द्वारा पवित्र नदी मंदाकिनी में स्नान करने के बाद भगवान शिव का जलाभिषेक किया जा रहा है। साथ ही भगवान श्री कामदनाथ का दर्शन पूजन कर परिक्रमा लगाते हुए सबके कल्याण की कामना की जा रही है।
 
श्री मत्यगजेंद्रनाथ शिव मंदिर चित्रकूट के पुजारी प्रदीप तिवारी ने बताया गया कि आज शिवरात्रि पर्व पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। अभी तक लाखों श्रद्धालुओं द्वारा भगवान का जलाभिषेक किया जा चुका है। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी शायंकाल तीन बजे से बैंड बाजा हाथी घोड़ों सहित भगवान शिव की बारात निकाली जाएगी।

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