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चित्रकूट गोलीकांड: मुकीम और मेराज को मौत की नींद सुला भागने की थी प्लानिंग, एक गोली ने बिगाड़ दिया खेल
Fri, 14 May 2021 08:36 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 14 May 2021 08:36 PM IST
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मेराज अली, मुकीम काला, अंशुल दीक्षित
- फोटो : amar ujala
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चित्रकूट जिला जेल रगौली में शुक्रवार की सुबह 10 बजे सीतापुर निवासी अंशू दीक्षित ने वाराणसी के कुख्यात अपराधी मेराजुद्दीन उर्फ मेराज अली और कैराना (शामली) निवासी अपराधी मुकीम काला को गोलियों से भून दिया। इसके बाद पिस्टल के बल अन्य बंदियों को काबू कर भागने की कोशिश की। इस बीच जेल के अंदर दो की हत्या और गोलीबारी की सूचना पर पहुंची जिला पुलिस ने अंशू को आत्मसमर्पण के लिए कहा तो उसने पुलिस पर भी गोलियां चला दीं। पुलिस की जवाबी गोलीबारी में अंशू भी मारा गया।
चित्रकूट एसपी अंकित मित्तल
- फोटो : amar ujala
सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीजी जेल आनंद कुमार से रिपोर्ट तलब की है। सुबह जेल में परेड के बाद जैसे ही सभी बंदी अपने-अपने बैरक में जाने लगे तभी मेराजुद्दीन के साथ हाईसिक्योरिटी बैरक में बंद सीतापुर के अपराधी अंशू ने कमर से पिस्टल निकाली और मेराज पर दो फायर झोंक दिए। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस बीच अंशू बैरक की तरफ बढ़ा और वहां मौजूद मुकीम पर फायर झोंक दिया, जिससे उसकी भी मौत हो गई। गोलियां चलने से जेल में हड़कंप मच गया और बंदी बैरकों में दुबक गए।
चित्रकूट जिला जेल के बाहर तैनात पुलिस
- फोटो : amar ujala
इस बीच बंदी रक्षकों संग मौके पर पहुंचे जेल अधीक्षक श्रीप्रकाश त्रिपाठी पर भी अंशू ने पिस्टल तान दी। अंशू ने पिस्टल के बल पर चार से ज्यादा बंदियों को काबू कर अपने आगे खड़ा कर लिया। उसने बंदियों को मारने की धमकी देकर खुद को बाहर निकालने के लिऐ कहा। इस बीच सूचना पर डीएम और एसपी भारी पुलिस फोर्स संग जेल के अंदर पहुंचे। पुलिस ने अंशू को चारों ओर से घेर लिया और उसको आत्मसमर्पण के लिए ललकारा, लेकिन अंशू ने अपनी पोजीशन बदलते हुए पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
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मुकीम काला
- फोटो : amar ujala
इस बीच अंशू के शिकंजे में रहे बंदी भागकर बैरकों में चले गए। अब एक तरफ अंशू और दूसरी तरफ पुलिस फोर्स थी। अंशू ने जैसे ही फिर फायर झोंका तो पुलिस ने जवाबी कार्रवाई कर उसको मौके पर ही ढेर कर दिया। पुलिस और शार्प शूटर के बीच फायरिंग के बीच ही मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह, आईजी के. सत्यनारायण, जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल, पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल भारी पुलिस फोर्स संग जेल पहुंचे।
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गोलीकांड के बाद तैनात फोर्स
- फोटो : amar ujala
जेल के अंदर दो की हत्या और तीसरे की मुठभेड़ में मौत की सूचना पर डीआईजी कारागार (प्रयागराज) पीएन पांडेय भी मौके पर पहुंचे और जेल अधीक्षक श्रीप्रकाश त्रिपाठी से जानकारी ली। कमिश्नर और पुलिस महानिरीक्षक ने मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित की है। करीब डेढ़ घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद पुलिस ने तीनों के परिजनों को सूचना देकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। डीआईजी कारागार प्रयागराज पीएन पांडेय भी जेल पहुंचे और घटना की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कराने की बात कही है।
जेल के अंदर पिस्टल आने की जांच कराई जा रही है। तीनों ही शातिर अपराधी थे। इनके खिलाफ प्रदेश के कई जिलों के थानों में हत्या, रंगदारी और मारपीट के मामले दर्ज हैं। जेल के अंदर ऐसी घटना का होना चिंता का विषय है। जेल अधीक्षक समेत बंदी रक्षकों से मामले को लेकर पूछताछ की जा रही है।
अंकित मित्तल, पुलिस अधीक्षक, चित्रकूट