उत्तर प्रदेश के बिजनौर में आज हुई महापंचायत में रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व सांसद जयंत चौधरी ने कहा कि किसानों के लिए कानून बनाया नहीं गया बल्कि किसानों पर कानून थोपा गया है।
आज जिनसे किसानों की लड़ाई है वे बहरूपिये हैं, इसलिए किसान जोश के साथ होश से भी काम लें। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत के पुत्र गौरव टिकैत ने कहा कि किसानों को सरकार का अहंकार तोड़ना है। इसके लिए लड़ाई लंबी लड़नी पडे़गी, इसके लिए तैयार रहना होगा।
2 of 7
रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी
- फोटो : अमर उजाला
राजकीय आईटीआई के मैदान में सोमवार को हुई संयुक्त किसान मोर्चा की महापंचायत को कांग्रेस, सपा व रालोद नेताओं ने खुलकर समर्थन दिया। हालांकि मंच पर रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी को ही बैठने और बोलने का मौका मिला।
3 of 7
किसान महापंचायत- बिजनौर
- फोटो : amar ujala
रालोद उपाध्यक्ष जयंत ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने किसानों को बराबरी और जमीन का हक दिलाया था, लेकिन अब किसान की जमीन पर सरकार और पूंजीपतियों की नजर है।
सात साल में किसी किसान की आय दोगुनी नहीं हुई है। सरकार किसानों से बड़ी नहीं हो सकती है। रोज आधे-आधे घंटे की पूजा करने वाले मुख्यमंत्री के पास गन्ना मूल्य घोषित करने का समय नहीं है।
4 of 7
किसान महापंचायत- बिजनौर
- फोटो : amar ujala
सरकारी नियम है कि किसान को गन्ना भुगतान 14 दिन के अंदर मिल जाना चाहिए। कल अगर चीनी मिल कोर्ट में जाकर कहेंगी कि सरकार ने रेट ही निर्धारित नहीं किए और वे समय से भुगतान नहीं कर सकतीं तो सरकार क्या करेगी।
उन्होंने कहा कि किसान हनुमान है, सब किसान एक होकर लड़ेंगे तो मोदी की लंका ढह जाएगी। उन्हें किसानों के बीच पहुंचने से कोई सरकार नहीं रोक सकती है।
5 of 7
भाकियू के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव टिकैत
- फोटो : अमर उजाला
एक नजर दिल्ली के पास चल रहे आंदोलन पर रखे किसान: गौरव टिकैत
महापंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत को भी पहुंचना था लेकिन उनके स्थान पर युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव टिकैत शामिल हुए। गौरव टिकैत ने कहा कि भाकियू ने हमेशा सरकारों के खिलाफ किसानों की आवाज उठाई, लेकिन किसी एक राजनीतिक दल को निशाना नहीं बनाया।