उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद में देहात क्षेत्रों में गुलदार नरभक्षी हो चले हैं। गुलदार अब तक 13 लोगों को मौत के घाट उतार चुके हैं जबकि 20 से ज्यादा लोगों को घायल भी कर चुके हैं।
नरभक्षी गुलदार: पेड़ पर चढ़ने-छिपने में शातिर, नाम है छलिया, मजबूत जबड़े और दांत भेद देते हैं सांस की नली
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जानवरों के शव दफनाने के लिए पत्र लिखा
एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि देखने में आया है कि जंगल क्षेत्रों में बाढ़ का पानी है। ऐसे में गुलदार के आबादी की ओर आए हैं। वहीं देहात क्षेत्रों में जगह-जगह गोवंश के शव पड़े हैं। उनके पीछे भी गुलदार आबादी तक पहुंच रहे हैं। सभी ग्राम प्रधानों को पत्र लिखकर ऐसे शवों को दफनाने, मरने वाले मवेशियों को भी दफनाने के लिए कहा गया है। ताकि गुलदार आबादी की ओर न पहुंचे।
एक और गुलदार की तस्वीर ट्रैप कैमरे में कैद
रेहड़ क्षेत्र में वन विभाग ने जो ट्रैप कैमरे लगाए थे, सोमवार रात फिर से उसमें एक गुलदार की तस्वीर कैद हो गई। इन दिनों सोशल मीडिया पर भी कई वीडियो चल रही है। वन विभाग इनमें से कई वीडियो पुरानी या फिर दूसरी जगहों की होने का दावा कर रहा है। ऐसा ही एक वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर चली, जिसे नजीबाबाद रोड पर स्वाहेड़ी फ्लाईओवर के पास की बताई जा रही है।
फिर जोड़े के साथ दिखा गुलदार, दहशत
शेरकोट में मुस्तफापुर तैयब के जंगल में सोमवार शाम ग्रामीणों ने गुलदार का जोड़ा हुए देखा। गांव के लोगों ने बताया कि मुस्तफापुर तैयब में कई दिन से गुलदार लोगों को विचरण करता मिल रहा है। पिछले दिनों एक धार्मिक संस्था पर चढ़ गया था, जिसे लोगों ने एक होकर जंगल की ओर खदेड़ा।
आंकड़ों पर नजर
चार हाथी व हथिनी गुलदार की तलाश कर रहीं हैं।
100 से ज्यादा वनकर्मी और विशेषज्ञ तलाश में जुटे हुए हैं।
17 जुलाई से अब तक गुलदार चार जान ले चुका है।
दो ड्रोन भी गुलदार की तलाश में जुटे हैं।