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तस्वीरें: बुलडोजर कार्रवाई... खुराफातियों को सबक, पीड़ितों के जख्म पर मरहम; गांव में चलता था बख्तावर का सिक्का
Tue, 23 Jul 2024 12:48 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 23 Jul 2024 12:48 PM IST
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bareilly violence
- फोटो : अमर उजाला
बरेली के शाही के गौसगंज गांव में पुलिस प्रशासन की कार्रवाई नजीर के तौर पर पेश की गई। ग्रामीणों के मामूली विवाद को कुछ खुराफातियों ने तूल देकर दो समुदायों के बीच का संघर्ष बना दिया तो प्रशासन ने भी उसी तरीके से जवाब दिया। संकरी गलियों में बुलडोजर मकानों को तोड़ता रहा। अभी पांच और मकान तोड़ने की बात कही जा रही है।
आरोपी बख्तावर का घर गिराया गया
- फोटो : अमर उजाला
पहले योजना थी कि अंतिम संस्कार के बाद या मंगलवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की जाए, पर ग्रामीणों के गुस्से से बने दबाव के बाद सोमवार को ही कार्रवाई कर दी गई। पुलिस और प्रशासन की टीम ने पीआरडी जवान बख्तावर का मकान लगभग पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
कार्रवाई के दौरान गौसगंज गांव में जुटी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
बख्तावर को लेकर एक पक्ष के लोगों में खासा रोष था। बताया गया कि पीआरडी में होने की वजह से उसकी थाने में अच्छी पकड़ थी। गांव में छोटा-मोटा विवाद होने पर वह अपने हिसाब से कार्रवाई कराता था।
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मृतक तेजराम के घर जुटी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
खासकर एक समुदाय के लोगों को फंसाने में उसकी खास रुचि रहती थी। पुलिस भी उसी की बात को प्राथमिकता देती थी। इसीलिए ताजिया निकालने के दौरान गलत रास्ते पर उसे ले जाने की शिकायत के बाद भी पुलिस ने कुछ नहीं किया। उल्टे शिकायतकर्ताओं को ही डपटकर भगा दिया था। एसएसपी ने प्रारंभिक जांच के बाद बख्तावर के करीबी सिपाही नफीस अहमद को निलंबित कर दरोगा समेत चार को लाइन हाजिर कर दिया था।
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मकान के अवैध हिस्से को गिराया गया
- फोटो : अमर उजाला
इनके घरों में हुई तोड़फोड़
धनेटा शीशगढ़ रोड पर बने इरशाद एवं आरिफ का जीना बुनियाद अतिक्रमण के रूप में चिह्नित किए गए थे। वहीं, विवाद का साजिशकर्ता बख्तावर, बाबू, हसन अली, कादर अली, हनीफ, हसीन और रियासत के घरों का कुछ हिस्सा ग्राम पंचायत ने अपनी भूमि पर पाया।
धनेटा शीशगढ़ रोड पर बने इरशाद एवं आरिफ का जीना बुनियाद अतिक्रमण के रूप में चिह्नित किए गए थे। वहीं, विवाद का साजिशकर्ता बख्तावर, बाबू, हसन अली, कादर अली, हनीफ, हसीन और रियासत के घरों का कुछ हिस्सा ग्राम पंचायत ने अपनी भूमि पर पाया।