लॉकडाउन के चौथे दिन शुक्रवार सुबह 8:15 बजे लखीमपुर खीरी के चौपहरा चौराहे पर केवल एक दूध विक्रेता और एक फल का ठेला ही नजर आया। बाइक सवार एक दो लोग सड़कों पर आना-जाना कर रहे थे, लेकिन मेन रोड चौराहे पर सन्नाटा पसरा रहा।
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UP Lockdown: लखीमपुर खीरी में पसरा सन्नाटा, पैदल घर जा रहे मजदूर गन्ना खाकर भर रहे पेट
Fri, 27 Mar 2020 11:20 AM IST
प्राची प्रियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Fri, 27 Mar 2020 11:20 AM IST
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लखीमपुर खीरी में लॉकडाउन
- फोटो : अमर उजाला
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लखीमपुर खीरी में लॉकडाउन
- फोटो : अमर उजाला
नवरात्रि पर्व के बावजूद संकटा देवी मंदिर का गेट बंद था, लेकिन यहां कुछ फूल विक्रेता और दो तीन श्रद्धालु जरूर दिखे। गोला रोड से धर्मशाला रोड तक सन्नाटे के बीच कुछ फल विक्रेता खड़े थे। पूछने पर सलीम, रमेश आदि ने बताया की कोरोना के चलते फलों की बिक्री भी रुक गई है।
लखीमपुर खीरी में लॉकडाउन
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लोग घरों से निकल ही नहीं रहे हैं। फल विक्रेताओं ने बताया कि 9 बजे तक सुबह से बोहनी भी नहीं हुई। इधर सब्जी मंडी में कुछ लोग जमीन पर बैठ कर सब्जी बेचते नजर आए। हालांकि मंडी में डीएम द्वारा निर्धारित दर पर लोग सब्जी लेते देखे गए।
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लखीमपुर खीरी में लॉकडाउन
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हालांकि लॉकडाउन से गैर जनपदों में आए दिहाड़ी मजदूरों का बुरा हाल है। जिले में काम करने वाले कई लोग अपने घर नहीं जा पा रहे हैं। वहीं बाहरी जनपदों के लोग भी भूख से परेशान हैं। शुक्रवार को लखनऊ दिल्ली रोड पर दिल्ली से पैदल ही आ रहे लोगों के पास खाने-पीने का राशन नहीं होने पर उन्होंने खेत से गन्ना तोड़कर खाना शुरू कर दिया।
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लखीमपुर खीरी में लॉकडाउन
- फोटो : अमर उजाला
मैगलगंज हाईवे से पैदल जा रहे इन लोगों का कहना था कि कोई वाहन ना मिलने के कारण वह दिल्ली से पैदल बिहार के लिए चल दिए हैं। भूखे लगने के कारण गन्ना खाकर काम चला रहे हैं।