यूपी बोर्ड परीक्षा में इस बार बरेली जिले की तीन छात्राओं ने प्रदेश में अपनी मेधा की चमक बिखेरी है। इंटरमीडिएट के शीर्ष 10 मेधावियों की सूची में तूबा खान को पांचवा, डिंपल को छठा और रिया को नौवां स्थान मिला है। तीनों ही सर्वोदय जनकल्याण इंटर कॉलेज खेड़ा की छात्राएं हैं। शुक्रवार को दोपहर 12:30 बजे परीक्षा परिणाम जारी होने के साथ ही परिजनों व शिक्षकों की ओर से इन्हें बधाइयां मिलने का सिलसिला शुरू हो गया। प्रदेश की सूची में स्थान बनाने वाली इन छात्राओं को डीआईओएस कार्यालय से भी कॉल करके बधाई दी गई।
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टॉपर तूबा को मिठाई खिलाते उनके पिता, साथ में मां
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पिता बेचते हैं दूध, बेटी ने प्रदेश में मचाई धूम
सर्वोदय जनकल्याण इंटर कॉलेज खेड़ा की तूबा खान ने इंटरमीडिएट की परीक्षा में 96 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। 500 में से 480 नंबर लेकर वह प्रदेश की सूची में पांचवें स्थान पर हैं। तूबा के पिता फईम खान गांव की डेरियों से दूध खरीदकर इसे शहर में बेचते हैं। डॉक्टर बनने का सपना रखने वाली तूबा ने बताया कि उन्होंने रोजाना लक्ष्य बनाकर छह से सात घंटे पढ़ाई की। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता व स्कूल के शिक्षकों को दिया है। कहा कि विद्यालय की ओर से रोजाना भौतिक विज्ञान, गणित व जीव विज्ञान की तीन घंटे की अतिरिक्त कक्षाएं दी गईं। इसमें बनाए गए नोट्स को उन्होंने रोजाना पढ़ा व परीक्षा के लिए तैयारी की। परीक्षा में इसका फायदा भी मिला।
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माता-पिता के साथ डिंपल मौर्य
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डॉक्टर बन देश की सेवा करने का सपना
500 में से 479 अंक के साथ 95.80 प्रतिशत हासिल कर प्रदेश में छठा स्थान पाने वाली डिंपल डॉक्टर बनना चाहती हैं। डिंपल का कहना है कि उन्होंने बोर्ड परीक्षा की तैयारी शेड्यूल बनाकर की। प्रतिदिन आठ घंटे पढ़ाई करतीं। स्कूल में जो पढ़ाया जाता, उसे घर आकर प्रतिदिन दोहरातीं। उन्होंने उपलब्धि का श्रेय माता-पिता को दिया। बताया कि उनके पिता निजी स्कूल में शिक्षक हैं। माता-पिता ने हमेशा पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया। अब वह नीट की तैयारी करके डॉक्टर बनना चाहती हैं।
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टॉपर रिया
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सेल्समैन की बेटी का प्रदेश में नौवां स्थान
सर्वोदय जनकल्याण इंटर कॉलेज खेड़ा की रिया ने 500 में से 476 अंक हासिल कर 95.20 प्रतिशत के साथ प्रदेश की सूची में नौवां स्थान हासिल किया है। रिया ने बताया कि परीक्षा की तैयारी के लिए सोशल मीडिया से दूरी बनाई। रोजाना पांच से छह घंटे पढ़ाई की। इंजीनियर बनने का सपना रखने वाली रिया के पिता जयवीर सिंह एक निजी कंपनी में सेल्समैन हैं। काम के सिलसिले में दिनभर उन्हें धूप में दौड़ना होता है।
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रिया को मिठाई खिलाते उनके पिता
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रिया ने बताया कि पिता के संघर्ष को देखकर ही उन्हें प्रेरणा मिली। बोर्ड के दौरान स्कूल की ओर से दी गईं अतिरिक्त कक्षाओं की नतीजा भी रिजल्ट में सामने आया। मां बृजलता ने बताया कि रिया रोजाना ही देर रात तक पढ़ाई करतीं। उनकी पढ़ाई में व्यवधान न आए इसके लिए छत पर एक विशेष कमरा उनके लिए आरक्षित किया था।