बेहद कमजोर इनपुट के सहारे दूसरे बरेली जिले में घुसे ऊधमसिंह नगर के एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने अपने साथ ही उत्तराखंड शासन की भी फजीहत करा ली। वह जिन बड़े तस्करों की तलाश में दल-बल सहित आए यहां आए थे, वे करोड़पति होने के बाद दूसरे राज्यों और बड़े शहरों में शिफ्ट हो गए हैं। सटीक मुखबिरी के बिना मादक पदार्थों की बरामदगी संभव नहीं है। इस कार्रवाई में ढंग का एक भी तस्कर नहीं पकड़ा जा सका। पुलिस ने 16 लोगों को पकड़ा था। उनमें से साक्ष्यों के अभाव में 15 लोगों को छोड़ दिया गया। बता दें कि एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने करीब 70 गाड़ियों से तीन सौ पुलिसकर्मियों के साथ फतेहगंज पश्चिमी कस्बे में छापा मारा था।
पिछले वर्षों में बरेली में हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई से परेशान होकर कई स्मैक तस्करों ने उत्तराखंड में ही ठिकाना बना लिया है। वहां नशीले पदार्थों की खपत भी ज्यादा है। तस्करी में रिफाकत बड़ा नाम है, जिसे दो जनवरी को रुद्रपुर पुलिस ने गोली मारकर गिरफ्तार किया था। उसकी पत्नी रेशमा काशीपुर की निवासी थी। ऐसे में रिफाकत ने वहीं आशियाना बना लिया है। रिफाकत के परिवार के इशाकत, शराफत हुसैन व कस्बे के एक बड़े तस्कर का भांजा मोनिस अंसारी भी उत्तराखंड में घर बनाकर रहते हैं।
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फतेहगंज पश्चिमी में ऊधमसिंह नगर की पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
बरेली में रहते हैं उस्मान और कल्लू डॉन
फतेहगंज पश्चिमी का चर्चित तस्कर उस्मान बरेली में आलीशान घर बनाकर रहता है। कल्लू डॉन की पत्नी इमराना बेगम अब नगर पंचायत की अध्यक्ष हैं। इमराना के अलावा कल्लू भी बरेली में रहता है। सूत्र बताते हैं कि खास लोगों के जरिये कल्लू आज भी स्मैक तस्करी से जुड़ा है। गुर्गों से काम कराता है। तस्कर इरशाद हुसैन व अशरफ भी फतेहगंज का घर छोड़कर कुरतरा में रह रहे हैं। कस्बे के कुछ तस्करों ने दिल्ली, कुछ ने उत्तराखंड के अन्य शहरों में रहना शुरू किया है।
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उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर की पुलिस ने दी दबिश
- फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड पुलिस ने नंबर बढ़ाने पर दिया ज्यादा जोर
सूत्रों के मुताबिक उत्तराखंड पुलिस ड्रग पैडलर पिता-पुत्र को पकड़ने फतेहगंज कस्बे में आई थी। टीम ने फिल्मी स्टाइल अपनाया और नंबर बढ़ाने के लिए बड़ी कार्रवाई का दिखावा किया। ड्रग पैडलर पिता-पुत्र एक तस्कर के रिश्तेदार हैं। इनमें से एक वर्ष 2022 में उत्तराखंड जेल से छूटकर आया है। उत्तराखंड पुलिस उनके घर गई, लेकिन शायद सूचना लीक होने से पिता-पुत्र पहले ही कूदकर भाग गए। उत्तराखंड पुलिस यदि स्थानीय पुलिस से इनपुट शेयर करती तो दोनों को आसानी से पकड़ा जा सकता था।
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फतेहगंज पश्चिमी में ऊधमसिंह नगर पुलिस ने की कार्रवाई
- फोटो : उत्तराखंड पुलिस
थाने में खंगाला आपराधिक इतिहास तो फुस्स हुआ मामला
पकड़े गए लोगों को पुलभट्टा थाने ले जाकर उत्तराखंड पुलिस ने सॉफ्टवेयर के जरिये उनका आपराधिक इतिहास खंगाला तो शून्य मिला। तब पूरा मामला फुस्स हो गया। अधिकारियों ने किरकिरी से बचने के लिए रात में ही निर्दोष लोगों को थाने से छोड़ दिया। हालांकि, पुलिस अधिकारी इनपुट मिलने और भविष्य में कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं। जब पकड़े गए लोग निर्दोष थे तो पुलिस को उनसे इनपुट कैसे मिला, ये भी सवाल उठ रहा है।
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एसएसपी अनुराग आर्य।
- फोटो : अमर उजाला
तस्करों पर कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है बरेली पुलिस : एसएसपी
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि जिस भी प्रदेश या जिले की पुलिस को जिले में दबिश देनी होती है, सूचना देने पर बरेली पुलिस मदद करती है। बरेली पुलिस स्मैक तस्करों व अपराधियों पर कार्रवाई के लिए कटिबद्ध है।