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बंद हो गई भोंपू वाले विधायक की आवाज, उत्तर प्रदेश विधानसभा में इसी नाम से मशहूर थे निरवेंद्र मिश्रा, पढ़ें पूरी कहानी
Mon, 07 Sep 2020 10:44 AM IST
शाहरुख खान
महबूब आलम, अमर उजाला, पलियाकलां/लखीमपुर खीरी
महबूब आलम, अमर उजाला, पलियाकलां/लखीमपुर खीरी
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 07 Sep 2020 10:44 AM IST
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former mla niravendra kumar mishra
- फोटो : अमर उजाला
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लखीमपुर खीरी के संपूर्णानगर थाना क्षेत्र के त्रिकोलिया गांव के निरवेंद्र कुमार मिश्रा उर्फ मुन्ना ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में लगातार तीन बार क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था और प्रदेश में अपनी अलग एक पहचान बनाई थी। उनके वाहन पर हमेशा लाउडस्पीकर लगा रहता था, जिससे उनकी पहचान भोंपू वाले विधायक के नाम से हो गई थी।
पूर्व विधायक
- फोटो : अमर उजाला
वह जहां भी जाते थे, उनके वाहन में लाउडस्पीकर लगा रहता था और वह उसी से चलते चलते लोगों को संबोधित करने लगते थे। क्षेत्र में भी जब उनका भोंपू बोलता था तो विपक्षी दलों के लोग भी सहम जाते थे। इसके अलावा उनकी पहचान थी कि वह गरीबों के हक की ही बात करते थे और उनका हक दिलाने के लिए वह कभी कहीं भी धरना प्रदर्शन करने से नहीं चूकते थे।
पूर्व विधायक की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
किसी गरीब के घर आकर फरियाद करने पर फौरन ही उसके साथ चल देते थे। क्षेत्र के अधिकारियों में मिश्रा के नाम का खौफ रहता था। अधिकारी गरीब की बात पहले सुनते थे। कई बार गरीबों को न्याय दिलाने के लिए कई बार अधिकारियों से सीधी झड़प भी कर लेते थे।
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पूर्व विधायक की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
कई वर्षों पूर्व उन्होंने ग्रामीणों की एक समस्या पर मवेशियों को ब्लॉक में बांधकर ब्लॉक अधिकारियों की कार्य प्रणाली पर नायाब तरीके से विरोध जताया था। यह विरोध भी चर्चा का विषय बना रहा।
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former MLA case
- फोटो : अमर उजाला
तीन बार लगातार विधायक रहे थे मिश्रा
जब पलिया विधानसभा का गठन नहीं हुआ था तो इलाके की विधानसभा निधासन 56 कही जाती थी तब वर्ष 1989, 1991 और 1993 में लगातार तीन चुनाव जीते थे। उन्होंने दो बार चुनाव निर्दलीय लड़ा था और एक बार समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ा था।
जब पलिया विधानसभा का गठन नहीं हुआ था तो इलाके की विधानसभा निधासन 56 कही जाती थी तब वर्ष 1989, 1991 और 1993 में लगातार तीन चुनाव जीते थे। उन्होंने दो बार चुनाव निर्दलीय लड़ा था और एक बार समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ा था।