शाहजहांपुर के गांव सहोरा में मंदिर के पास धर्मस्थल को लेकर हुए बवाल के मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। तनाव के बावजूद लोगों के आक्रोश को पुलिस भांप नहीं पाई। इसके बाद जब लाठी-डंडे लेकर लोगों की भीड़ एकत्र हुई तो पुलिस को संभालना मुश्किल हो गया। पुलिसकर्मी रोकते रहे, लेकिन भीड़ में शामिल लोगों ने एक दिन पहले कराए गए निर्माण को तोड़ दिया।
सहोरा गांव में बुधवार से तनाव की स्थिति बनी हुई थी। मजार क्षतिग्रस्त करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद जब सुबह लोगों ने मजार को पुनर्निर्मित देखा तो वे भड़क गए थे। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोग एकत्र हो गए। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन भीड़ किसी की सुनने के लिए तैयार नहीं थी।
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विवादित स्थल के चारों ओर घेरा बनाए खड़ी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
विवादित स्थल के चारों तरफ पुलिस घेरा बनाए हुए थी। पुलिस बल लोगों को रोकने की कोशिश भी करता रहा। पुलिसकर्मी एक ओर से भीड़ खदेड़ती तो दूसरी ओर से भीड़ आगे बढ़ जाती। दोपहर करीब ढाई बजे हाथ में लाठी-डंडे लिए लोग विवादित स्थान पर पहुंचकर दीवारों को तोड़ने लगे। कुछ मिनटों में ही दीवारें गिरा दीं।
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घटनास्थल पर जुटी ग्रामीणों की भीड़
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इसके बाद मजार का ढांचा तोड़ने लगे। लोगों का यह आरोप भी था कि शिवलिंग के ऊपर ही मजार बना दी गई थी। निर्माण ढहाने के बाद शिवलिंग की लोगों ने पूजा-अर्चना शुरू कर दी। गांव की कई महिलाएं भी आ गईं। पूजा-पाठ के बाद करीब चार बजे लोग घरों को चले गए। लोगों के जाने बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।
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मौके पर पुलिस और प्रशासन के अफसर
- फोटो : अमर उजाला
दोनों पक्षों का दावा
एक पक्ष का कहना है कि वहां पर मंदिर था। जबकि दूसरा पक्ष मजार होने का दावा कर रहा है। एक पक्ष का दावा था कि वहां पर मजार बनी हुई थी। मजार क्षतिग्रस्त होने को लेकर बुधवार को रिपोर्ट भी दर्ज करा दी गई थी। वहीं, एक पक्ष का दावा है कि वहां पर मंदिर है। शिवलिंग क्षतिग्रस्त कर मजार बनाई गई है।
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गांव के लोगों से बात करते पुलिस अफसर
- फोटो : अमर उजाला
एसपी ग्रामीण मनोज अवस्थी ने बताया कि विवादित भूमि पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहा था। बृहस्पतिवार को काफी संख्या में लोग पहुंच गए। मौके पर तत्काल पुलिस फोर्स पहुंचा। एसडीएम, सीओ व अन्य अधिकारियों ने भीड़ को समझाकर वापस कर दिया। कानूनी कार्रवाई की जा रही है। प्रकरण में लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।