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Kupwara Attack: दुश्मनों की सात गोलियों ने भेदा सीना, रात के निशानेबाज थे मोहित; घातक प्लाटून में हुए थे शामिल
Sun, 28 Jul 2024 07:44 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं
अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 28 Jul 2024 07:44 AM IST
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Kupwara Terror Attack
- फोटो : अमर उजाला
दुश्मनों की सात गोलियों ने मोहित राठौर का सीना भेदा। रविवार को उन्हें गांव में सलामी देकर आखिरी विदाई दी जाएगी। शनिवार देर शाम उनका पार्थिव शव बरेली एयरपोर्ट पर लाया गया। रविवार सुबह बरेली से सेना की यूनिट उनके गांव पहुंचेगी।
Kupwara Terror Attack
- फोटो : अमर उजाला
पहले एक आतंकवादी उनके कैंप में अफसर की गर्दन काटने के लिए घुसा था लेकिन कुत्ते के भौंकने से पीछे लौट गया। कुछ देर बाद दूसरे ने ग्रेनेड फेंका, जिससे सभी जवान अलर्ट हो गए। मोहित अपना असलहा लेकर निकल रहे थे।
Kupwara Terror Attack
- फोटो : अमर उजाला
इसी दौरान उन्हें तीन गोलियां लगीं। वह जमीन पर गिर गए। सुबह छह बजे तक फायरिंग हुई। बाद में पता चला कि मोहित को सात गोलियां लगी थीं। उन्होंने बताया कि दोपहर के समय जम्मू में उनका पोस्टमार्टम कराया गया। उसके बाद उनका पार्थिव शरीर बरेली लाया गया। सुबह बरेली से सेना की यूनिट उन्हें गांव अपने साथ लेकर पहुंचेगी। सलामी देने के बाद उन्हें मुखाग्नि दी जाएगी।
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Kupwara Terror Attack
- फोटो : अमर उजाला
बहनोई बोले- रात के निशानेबाज थे मोहित, घातक प्लाटून में हुए थे शामिल
मोहित के बहनोई उपेंद्र सिंह ने बताया कि हम दोनों लोग राजस्थान में तैनात थे। इसी साल जनवरी में मोहित जम्मू कश्मीर के जिला कुपवाड़ा जिले में 57 आरआर यूनिट में शामिल हो गए थे।
मोहित के बहनोई उपेंद्र सिंह ने बताया कि हम दोनों लोग राजस्थान में तैनात थे। इसी साल जनवरी में मोहित जम्मू कश्मीर के जिला कुपवाड़ा जिले में 57 आरआर यूनिट में शामिल हो गए थे।
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Kupwara Terror Attack
- फोटो : अमर उजाला
उनकी 25 जुलाई को मोहित से बात हुई थी। तब उन्होंने बताया कि उनकी रात के समय फायरिंग अच्छी है, जिससे उन्हें घातक प्लाटून में शामिल कर लिया गया है। अब उन्हें 100 दिनों की नहीं बल्कि 120 दिन का अवकाश मिलेगा। उन्होंने कहा था कि वह नवंबर में गांव आएंगे।