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अद्भुत, अलौकिक....नजारे से हट नहीं रहीं थीं आंखें, कछला गंगातट पर पहली बार दिखा ऐसा अद्भुत दृश्य
Wed, 16 Jan 2019 12:07 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बदायूं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बदायूं
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 16 Jan 2019 12:07 AM IST
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महाआरती
- फोटो : अमर उजाला
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निश्चित तौर पर...कछला गंगाघाट पर मंगलवार की शाम जो नजारा था, उसे देखकर लोगों के मुंह से बरबस ही निकल गया अद्भुत, अलौकिक...। इस नजारे से लोगों की आंखें हट ही नहीं रहीं थीं। होता भी क्यों नहीं। मां गंगा से लोगों की आस्था जो जुड़ी है। जैसे-जैसे गंगा महाआरती का समय आ रहा था वैसे-वैसे आस्था का सैलाब उमड़ता जा रहा था। खास हो या आम, हर कोई मोक्षदायिनी मां गंगा का उद्घोष लगाते हुए तट पर पहुंच रहा था। लोग कह भी रहे थे कि ऐसा अद्भुत नजारा मां गंगा के घाट पर कभी नहीं देखा। यह सब मां की ही कृपा से हो रहा है।
काशी जैसा दिखा नजारा
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल, पहली बार कछला गंगाघाट पर बनारस की तर्ज पर गंगा महाआरती का आयोजन किया गया। डीएम दिनेश कुमार सिंह के प्रयासों के चलते गंगाघाट पर यह सब संभव हुआ। कई माह से इस महाआरती की तैयारी चल रही थी। चूंकि इस ऐतिहासिक कार्य को कोई बजट नहीं था और कार्य भी बड़ा था, सो लोगों के सहयोग से नवीन कार्य शुरू हुआ। निश्चित तौर पर आस्था से जुड़े इस ऐतिहासिक कार्य में हर कोई बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाह रहा था। जिसकी जो सामर्थ्य थी, उसने इस पुनीत कार्य में सहयोग किया। मंगलवार की शाम मकर संक्रांति के दिन शाम करीब पौने सात बजे गंगा महाआरती शुरू हुई।
बनाईं गईं थीं 11 वेदियां, हुई महाआरती
kumbh 2019
- फोटो : अमर उजाला
गंगाघाट पर 11 वेदियां बनाई गईं थीं। सभी पर बनारस के एक-एक पंडित थे। इनमें पवन पाठक, देवेंद्र तिवारी, अभिषेक, कुनाल पाठक, सत्यम मिश्रा, विनीत मिश्रा, भारतेंदु शुक्ला, दीपू झा, हरिओम मिश्रा, विवेक तिवारी ने आरती की। एक आरती में 51 दीप प्रज्ज्वलित हो रहे थे।
एक हजार दीप किए गए गंगा में प्रवाहित
महाआरती से पहले गायत्री परिवार की ओर से गंगा में एक हजार दीप प्रवाहित किए गए। इस कार्य में गायत्री परिवार के सुखपाल शर्मा, संजीव शर्मा, नत्थू लाल आदि का सहयोग रहा।
एक हजार दीप किए गए गंगा में प्रवाहित
महाआरती से पहले गायत्री परिवार की ओर से गंगा में एक हजार दीप प्रवाहित किए गए। इस कार्य में गायत्री परिवार के सुखपाल शर्मा, संजीव शर्मा, नत्थू लाल आदि का सहयोग रहा।
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पुल पर ऐसे लगा आस्था का जाम
kumbh 2019
- फोटो : अमर उजाला
जिस समय गंगा महाआरती हो रही थी, उस समय कछला पुल से जो भी वाहन गुजर रहा था, वह वहीं के वहीं रुक गया। जिसकी वजह से दोनों ओर वाहनों की लाइन लग गईं। दरअसल, वाहनों में सवार हर कोई इस ऐतिहासिक पल का गवाह बन रहा था।
रोशनी में जगमग था कछला पुल
गंगा महाआरती के समय कछला पुल को तिरंगी रोशनी में सजाया गया। शाम को पुल का नजारा बेहद मनमोहक था, जो हर किसी को आकर्षित कर रहा था, मानो मां गंगा के दोनों ओर से इंद्रधनुष अपनी छटा बिखेर रहा हो।
रोशनी में जगमग था कछला पुल
गंगा महाआरती के समय कछला पुल को तिरंगी रोशनी में सजाया गया। शाम को पुल का नजारा बेहद मनमोहक था, जो हर किसी को आकर्षित कर रहा था, मानो मां गंगा के दोनों ओर से इंद्रधनुष अपनी छटा बिखेर रहा हो।
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दबाव के चलते घाट पर मिट्टी खिसकी
महाआरती देखने के लिए गंगाघाट पर हजारों की भीड़ थी। हर कोई आगे आकर उस अद्भुत नजारे को देखने को लालायित था, जिसके चलते घाट पर दबाव ज्यादा हो गया और मिट्टी की ढांग ढह गईं। हालांकि वहां मौजूद पुलिस और पीएसी के जवानों ने तुरंत ही इसे नियंत्रित कर लिया। लोगों को घाट से दूर कर दिया गया।
क्षेत्र के कलाकारों ने समा बांधा
महाआरती के समय आसपास क्षेत्र के कलाकारों ने भी अपनी धार्मिक प्रस्तुतियों से हर किसी का मन मोह लिया। मां गंगा पर आधारित धुनों पर कलाकार थिरक रहे थे, तो श्रद्धालु उनके साथ-साथ भावविभोर होकर गुनगुना रहे थे। इस मौके पर दंगल का भी आयोजन किया गया, जिसमें हर उम्र के पहलवानों ने दांव पेच आजमाए। आर्य समाजी संजीव रूप ने भी गंगा महाआरती के दौरान कई भजन सुनाए।
क्षेत्र के कलाकारों ने समा बांधा
महाआरती के समय आसपास क्षेत्र के कलाकारों ने भी अपनी धार्मिक प्रस्तुतियों से हर किसी का मन मोह लिया। मां गंगा पर आधारित धुनों पर कलाकार थिरक रहे थे, तो श्रद्धालु उनके साथ-साथ भावविभोर होकर गुनगुना रहे थे। इस मौके पर दंगल का भी आयोजन किया गया, जिसमें हर उम्र के पहलवानों ने दांव पेच आजमाए। आर्य समाजी संजीव रूप ने भी गंगा महाआरती के दौरान कई भजन सुनाए।