अमर उजाला भविष्य ज्योति: सफलता को मिली पहचान, मेधावियों का हुआ सम्मान, 500 विद्यार्थियों को मिले मेडल
बरेली में अमर उजाला की ओर से स्मार्ट सिटी सभागार में आयोजित भविष्य ज्योति सम्मान समारोह के दूसरे दिन सीबीएसई के मेधावियों को सम्मानित किया गया। पहले सत्र में मुख्य अतिथि एसपी सिटी राहुल भाटी और विशिष्ट अतिथि आईवीआरआई के डायरेक्टर डॉ त्रिवेणी दत्त ने मेधावियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। इस मौके पर एसपी सिटी से यूपीएससी की तैयारी को लेकर कई सवाल पूछे। उन्होंने सवालों के जवाब दिए।
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चेहरे पर मुस्कान, गले में मेडल और हाथों में प्रशस्तिपत्र लिए सीबीएसई के मेधावियों का उत्साह बुधवार को देखते ही बन रहा था। कोई दोस्तों व परिवार संग सेल्फी ले रहा था तो कोई यादें संजोने के लिए अतिथियों के साथ फोटो खिंचवा रहा था।
मौका था अमर उजाला की ओर से बरेली के स्मार्ट सिटी ऑडिटोरियम में आयोजित भविष्य ज्योति सम्मान समारोह का। समारोह के दूसरे व अंतिम दिन सीबीएसई से संबद्ध जिले के 66 विद्यालयों के 10वीं और 12वीं के 500 मेधावी सम्मानित किए गए। इस दौरान शिक्षकों, परिजनों व सहपाठियों की भी मौजूदगी रही। कार्यक्रम दो सत्रों में आयोजित हुआ।
पहले सत्र में मुख्य अतिथि एसपी सिटी राहुल भाटी ने कहा कि 10- 15 साल पहले जब उन्होंने 12वीं पास किया था और कॅरिअर बनाने के लिए पहला कदम उठाया था, तब वह भी इसी मोड़ पर खड़े थे। कहा कि अपना लक्ष्य निर्धारित और स्पष्ट रखें। लक्ष्य प्राप्ति के लिए शिक्षक व अभिभावक मदद करेंगे। आप क्या चाहते हैं और अभिभावक क्या चाहते हैं, दोनों में संतुलन बनाकर चलें। निरंतर मेहनत से निश्चित ही सफलता मिलेगी।
कमजोरी पहचानें और करें सुधार
प्रथम सत्र में विशिष्ट अतिथि आईवीआरआई के निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त ने कहा कि विद्यार्थी जो भी सीखें, उसे चरित्र में भी उतारें। सभी को सम्मान दें। अपनी कमजोरी को पहचानें और उसमें सुधार करें। विद्यार्थी जीवन में समय प्रबंधन का अधिक महत्व होता है। ऐसे में प्रत्येक कार्य को करने का समय निर्धारित करें। नकारात्मक नहीं सोचें। कई बार अभिभावक, शिक्षक और सहपाठियों के दबाव का भी सामना करना पड़ता है। विद्यार्थी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें। तनाव से बचने के लिए संयमित दिनचर्या होनी चाहिए।
कॅरिअर के लिए खुली हैं राहें
प्रथम सत्र में विशिष्ट अतिथि रुहेलखंड विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. पीबी सिंह ने कहा कि बदलते वक्त में कॅरिअर के लिए नई राहें खुल गईं हैं। विद्यार्थी इंजीनियरिंग डिग्री के साथ डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। अब सोशल मीडिया पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। इसका सकारात्मक इस्तेमाल करके युवा देश की तरक्की में योगदान दे सकते हैं।
जीवनभर चलता है संघर्ष, अनुशासन से मिलेगी सफलता
दूसरे सत्र में मुख्य अतिथि एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा ने कहा कि उन्होंने वर्ष 1990 में हाईस्कूल और 1992 में इंटरमीडिएट उत्तीर्ण किया था। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक और जेएनयू से परास्नातक की पढ़ाई पूरी की। तीन नौकरियों के बाद 16 साल से पुलिस विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। विद्यार्थी अपनी रुचि के क्षेत्र में कॅरिअर बनाएं। संघर्ष जीवनभर चलता है। पढ़ाई के बाद कॅरिअर बनाकर जब कमाना शुरू करेंगे तो वहां अलग तरह की चुनौतियां आएंगी। सफलता के लिए दिनचर्या में सख्त अनुशासन अपनाएं।
अच्छे बच्चों से दोस्ती भी देती है ऊर्जा
विशिष्ट अतिथि संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ. तेजपाल ने कहा कि अपने लक्ष्य को पाने के लिए विद्यार्थी रणनीति बनाएं। इसका सख्ती के साथ पालन भी करें। अच्छे बच्चों से संपर्क बनाएं। सफल लोगों के बीच रहें। समस्या आने पर शिक्षक की मदद लें। अमर उजाला की इस खास पहल से विद्यार्थियों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। इस तरह के कार्यक्रम प्रत्येक वर्ष होने चाहिए।
शिक्षक होते हैं मार्गदर्शक
विशिष्ट अतिथि केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान के प्रशासनिक अधिकारी लाल बहादुर गुर्जर ने कहा कि शिक्षक की बातों का बुरा नहीं मानना चाहिए, क्योंकि शिक्षक बच्चों की भलाई के लिए ही डांटते हैं। वे मार्गदर्शक हैं। अगर शिक्षा से समाज लाभान्वित नहीं हुआ तो उसका महत्व नहीं है। पंडित मदन मोहन मालवीय का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने किस तरह से चंदा जुटाकर विश्वविद्यालय की स्थापना की।
खेलों के माध्यम से खुद को रखें फिट
विशिष्ट अतिथि संयुक्त निदेशक (कौशल विकास) एके राणा ने कहा कि, सफल होने के लिए लक्ष्य स्पष्ट रखें। निरंतर प्रयास करें। बाधाएं आएं तो उनका डटकर सामना करें। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ ही मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए खेलों में प्रतिभाग करना चाहिए। अगर ऐसा नहीं कर सकते तो ध्यान या योग करें। 12वीं के बाद स्नातक में विषय चयन को लेकर आत्म विश्लेषण करें।
सकारात्मक विचारों के साथ बढ़ें आगे
विशिष्ट अतिथि एडी हेल्थ डॉ. पुष्पा पंत ने कहा कि विद्यार्थी जो भी करें, उसे मन से करें। पढ़ाई करते रहें। मित्र भी ऐसे बनाएं जो आगे बढ़ने में सहयोग करें। कठिन परिश्रम के माध्यम से बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना किया जा सकता है। खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाएं। भविष्य युवाओं का है। ऐसे में आपकी जिम्मेदारी है कि सकारात्मक विचारों से देश की तरक्की में सहभागी बनें।
समारोह में मेधावियों की उपलब्धि में सहयोग देने वाले अभिभावकों, शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया गया। मेधावी अपने शिक्षकों और अभिभावकों के साथ सेल्फी लेकर इस अनमोल लम्हे को कैमरे में कैद करते दिखे। प्रेरक वक्ता डॉ. हेमंत यादव ने कार्यक्रम की शुरुआत की और संचालन सीबीएसई के नगर समन्वयक वेद कुमार मिश्रा ने किया। इस दौरान खान सदफ, सुनील अवस्थी, हिना रिजवी और विमल मिश्रा का सहयोग रहा।
इनका रहा सहयोग
मुख्य सहयोगी : फ्यूचर कॉलेज। विशेष सहयोगी : इंडियन ऑयल व गट्टूमल फार्मेसी। ऑटोमोबाइल सहयोगी: श्रीबांके बिहारी हीरो व पुष्पा टीवीएस।
बेवरेजिंग सहयोगी : कोका कोला।
- मो. आदिश, 10वीं, हाफिज सिद्दीक पंजाबी इंटर कॉलेज, निवासी घेर शेख मिठ्ठू, जखीरा।
- ओम शर्मा, 12वीं, कृष्णा पब्लिक स्कूल, निवासी एसडीएम कॉलोनी फरीदपुर।
- शाजिया, 12वीं, जीजीआईसी उड़ला जागीर, निवासी उड़ला जागीर।
- कनिष्का, 12वीं, कस्तूरबा नगर निगम बालिका इंटर कॉलेज, निवासी बिहारीपुर सिविल लाइंस।
- याचना शर्मा, हाईस्कूल, कस्तूरबा नगर निगम बालिका इंटर कॉलेज, निवासी चावड़ मुड़िया अहमद नगर।
डॉ. सत्यवीर सिंह पटेल, परमार्थ एडुवर्सिटी, हनी गंगवार, संकल्प विद्या अकादमी, प्रवीण कुमार गुप्ता, एडु मंत्रा, मोहित शर्मा, सर्वोत्तम इंस्टीट्यूट, पीयूष गंगवार, एकेडमी ऑफ सिविल सर्विसेज, अक्षत मनी, आईएमएस कोचिंग, मोहम्मद कलीमुद्दीन, ओमेगा क्लासेज, विवेक मिश्रा, मिश्रा मैथ्स क्लासेज।