शातिर शूटरों ने अपने बचाव के लिए काफी तिकड़म लगाई, लेकिन तकनीक और नए आरोपी विजय की नादानी से मात खा गए। इन्होंने अपने आधार कार्ड में कहीं नाम, कहीं पता तो कहीं आधार नंबर में मामूली हेरफेर किया था। इससे शुरू में पुलिस को शूटरों की संख्या आठ लगी जो बाद में दुरुस्त कर ली गई।
Disha Patani house Firing: हर शूटर ने बदली पहचान, कोई बना सागर तो कोई निशांत... विजय की नादानी से खा गए मात
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: आकाश दुबे
Updated Fri, 19 Sep 2025 10:13 AM IST
सार
आरोपियों की होटल के रिसेप्शन पर मिली फुटेज से पता लगा कि वह नाम-पता बताते वक्त अपना मोबाइल बार-बार देख रहे थे। शायद फर्जी नाम-पता उन्हें सही से याद नहीं था। तब पुलिस ने आईडीपीआर से डाटा लेकर व विजय के सही नंबर पर दूसरे लोगों की कॉल ट्रेस करके आरोपियों के बारे में सटीक जानकारी हासिल कर ली।
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