इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के मीडिया प्रभारी मुनीर इदरीसी और फैजान सकलैनी समेत दो आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेज दिए गए। कोतवाली से ही दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। मुनीर की गिरफ्तारी उसके घर से दिखाई गई।
बिहारीपुर क्षेत्र निवासी मुनीर इदरीसी काफी समय से आईएमसी का मीडिया प्रभारी है। सीओ प्रथम आशुतोष शिवम ने बताया कि शुक्रवार को मुनीर अपने घर से कहीं भागने की तैयारी में था, तभी उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उससे पुलिस ने कोतवाली में पूछताछ की।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
उसने स्वीकार किया कि बवाल कराने के लिए उसने भड़काऊ पोस्ट डाली थी। हालांकि, उसने यह बताया कि मौलाना तौकीर की मंडली में शामिल सभी लोग खुद को ज्यादा होशियार दिखाकर मौलाना को खुश करने का प्रयास करते थे। उसने भी ऐसा ही किया।
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आरोपी मुनीर
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'फरहत व मौलाना की करीबी की काट करने की कोशिश की'
मुनीर ने बताया कि जब नफीस व नदीम ने भीड़ को आने से रोकने के लिए पत्र वायरल किया था तो दूसरे साथियों के संग उसने भी मौलाना को भड़काने का काम किया। उसने शुक्रवार को सुबह से ही कुछ और वीडियो व मौलाना के तीखे बयान सोशल मीडिया पर समूह में वायरल किए। ऐसा करके उसने फरहत व मौलाना की करीबी की काट करने की कोशिश की थी।
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आरोपी मुनीर इदरीसी व फैजान सकलैनी
- फोटो : अमर उजाला
हम छोटी पगार वाले, बड़ों से पूछिए
मुनीर इदरीशी ने पुलिस को बताया कि मौलाना उसे हर महीने मामूली वेतन देता था। इससे उसका काम नहीं चलता था। वह मौलाना से जुड़े अन्य लोगों से आर्थिक मदद लेकर अपना परिवार चलाता था।
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बवाल से पहले प्रदर्शन करते लोग (26 सितंबर की तस्वीर है)
- फोटो : अमर उजाला
उसके बदले में वह विभिन्न मीडिया माध्यमों पर मौलाना के फोटो, वीडियो व पार्टी संगठन से जुड़ीं जानकारियां डालता था। मुनीर ने बताया कि वह छोटी पगार व हैसियत वाला कर्मचारी है। मौलाना व उससे जुड़े लोग बड़े आदमी हैं। आप लोग उनसे पूछताछ करेंगे तो ज्यादा जानकारियां मिलेंगी।