बरेली के फरीदपुर थाना क्षेत्र में रामगंगा की कटरी में फायरिंग के दौरान घायल हुए सुरेश प्रधान को तलाशने में पुलिस तीसरे दिन भी नाकाम रही। आसपास के जिलों में स्थित अस्पतालों से लेकर उसकी देहात की रिश्तेदारियों में दबिश के बाद भी सुराग नहीं मिल पा रहा है। करीबियों का कहना है कि प्रधान की सही लोकेशन उसके परिवार के सदस्यों के पास भी नहीं होगी। एक-दो दिन में पुलिस उस पर इनाम घोषित कर सकती है।
बताया जा रहा है कि सुरेश प्रधान काफी घायल है और कहीं छिपकर इलाज करा रहा है। बदायूं व मुरादाबाद के अस्पतालों में उसके होने की संभावना के चलते पुलिस ने वहां काफी छानबीन की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। मामले में नामजद उसके गुर्गे भी फरार चल रहे हैं, इसलिए एक टीम आगरा भेजी गई है। एटा के जलेसर इलाके में उसकी रिश्तेदारी के चलते वहां तक दबिश दी जा रही है।
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आरोपी सुरेश प्रधान
- फोटो : अमर उजाला
हत्या के मुकदमे में आरोपी आगरा निवासी वीरेंद्र और सुभाष की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने वहां भी दबिश दी। प्रयास था कि उनकी गिरफ्तारी के बाद शायद सुरेश तक पहुंचने का कोई रास्ता मिल जाए, लेकिन पुलिस इसमें भी नाकाम रही। सूत्रों के मुताबिक कटरी में कई साल से तमाम वारदात को अंजाम देने के बावजूद अगर सुरेश प्रधान आज तक बचा रहा तो इसके उसका शातिर दिमाग है।
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हिस्ट्रीशीटर के गांव में पहुंची जेसीबी मशीन
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शुक्रवार को भी एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल ने फरीदपुर थाने में डेरा जमाए रखा। पुलिस ने प्रधान के करीबी 20 लोगों को बुलाकर पूछताछ की, लेकिन कोई खास जानकारी नहीं मिली। अधिकांश लोगों का कहना है कि वह जरूरत के अनुसार अपना रास्ता निर्धारित करता है। वह जिधर बताता है, उधर कभी नहीं जाता। उसके परिजनों को भी उसकी सही लोकेशन की जानकारी नहीं होती।
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आरोपी सुरेश प्रधान
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प्रधान व फरार आरोपियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस इनाम घोषित कर सकती है। वहीं, आरोपी राजनीतिक संबंधों का इस्तेमाल कर उसके लिए सरेंडर करने की जमीन तैयार कर रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि प्रधान समेत अन्य नामजदों में से कुछ को एनकाउंटर का डर भी सता रहा है। जल्द ही कुछ आरोपी पुलिस के पास तो कुछ कोर्ट में सरेंडर कर सकते हैं।
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घटनास्थल पर जांच करते पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
कटरी में जमीन पर कब्जे को लेकर तीन दिन पहले सरदार परमवीर सिंह और सुरेश तोमर के बीच जमकर गोलियां चली थीं। इसमें परमवीर पक्ष के दो और सुरेश तोमर का एक साथी मारा गया था। सरदार परमवीर सिंह के फार्म हाउस के मैनेजर खजांची लाल शर्मा की ओर से 18 नामजद समेत 33 के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है