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Bareilly Firing Case: होटलों में ठहरे थे हमलावर... गोलियों से दहला शहर; लोग बोले- ऐसी वारदात पहली बार देखी

Mon, 24 Jun 2024 10:58 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 24 Jun 2024 10:58 AM IST
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Bareilly Firing Case attackers were staying in hotels the city was shaken by gunfire in the morning
Bareilly Firing Case - फोटो : अमर उजाला

बरेली में शनिवार सुबह पीलीभीत बाइपास पर प्लॉट पर कब्जे को लेकर हुए बवाल ने शहर की कानून-व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। अब सवाल उठ रहा है कि फायरिंग के दौरान पुलिस के आला अफसर कहां थे? मुखबिर तंत्र को इसकी भनक क्यों नहीं लगी?  स्मार्ट सिटी के तहत शहर के चप्पे-चप्पे की निगरानी के लिए लगाए गए कैमरों को क्या हो गया था? एक फोन कॉल पर चंद मिनटों में पहुंचने का दावा करने वाली पुलिस की क्विक रिस्पांस टीमें कहां थीं? 


  
फायरिंग मामले में पुलिस विभाग के एक बड़े अफसर की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक एक पक्ष ने पूर्व में उन्हीं के आदेश पर इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। व्यापारी मयंक कुमार व अंकित का कहना है कि इस तरह तो कहीं भी कुछ भी हो सकता है। शहर की सुरक्षा दांव पर है। विश्वास ही नहीं होता कि बरेली जैसे शहर में ऐसा भी हुआ होगा। शहर के लोगों ने इस तरह की वारदात पहली बार देखी।

Bareilly Firing Case attackers were staying in hotels the city was shaken by gunfire in the morning
बरेली गोलीकांड - फोटो : अमर उजाला

ताज्जुब तो ये है कि बेखौफ बदमाश एक घंटे तक फायरिंग व बवाल करते रहे और पुलिस अफसर गायब रहे। स्थानीय पुलिस अगर मिली हुई थी तो बाकी तंत्र कैसे बेखबर रहा? लोगों का कहना है कि घटना के पीछे पुलिस, नेता व माफिया का गठजोड़ है। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो सुबह पांच बजे दर्जनों लोग दो बुलडोजर लेकर आ गए थे। इसके बाद मार्बल दुकान स्वामी आदित्य उपाध्याय के चौकीदार को पीटा, फायरिंग की। 

Bareilly Firing Case attackers were staying in hotels the city was shaken by gunfire in the morning
मार्बल्स की दुकान में बुलडोजर से की गई थी तोड़फोड़ - फोटो : अमर उजाला
चौकीदार के भागने के बाद बुलडोजर से वहां रखे मार्बल तोड़ दिए गए। दुकान भी तोड़ दी गई। इसमें पांच सीसीटीवी कैमरे लगे थे। सूचना पर पहुंचे दुकान स्वामी व हमलावरों के बीच फायरिंग हुई। एक घंटे तक बवाल चलता रहा और पुलिस का कहीं कोई पता नहीं था। पास में विष्णुधाम कॉलोनी के लोगों के घरों की दीवारों पर गोलियों के निशान घटना की वीभत्सता की गवाही दे रहे हैं।
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Bareilly Firing Case attackers were staying in hotels the city was shaken by gunfire in the morning
Firing In Bareilly - फोटो : अमर उजाला

कई होटलों में ठहरे थे हमलावर, एक सील
पुलिस की जांच में यह भी पता चला है कि हमलावर कई होटलों में ठहरे थे। स्टार होटल के अलावा मुंशीनगर के होटल सीके वैली में केपी यादव, शैलेश व अर्जुन की आईडी लगाकर कमरा नंबर 206 से लेकर 210 तक बुक किए गए थे। इनमें 30 लोग ठहराए गए थे। इसकी फुटेज पुलिस के हाथ लग चुकी है। पुलिस ने रविवार को स्टार होटल में दबिश दी, लेकिन होटल बंद मिला। पुलिस ने होटल को सील कर दिया है। 

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Firing In Bareilly - फोटो : अमर उजाला
फायरिंग होते ही भाग खड़े हुए पुलिस वाले
शनिवार को पुलिस की मौजूदगी में सुबह छह बजे प्लॉट से कब्जा हटवाया जा रहा था। मौके पर पुलिस मौजूद थी। पुलिस की मौजूदगी में दो बुलडोजर से मार्बल तोड़े जा रहे थे। सवाल तो यह भी उठता है कि अगर पुलिस कब्जा हटवाने गई भी थी तो लाखों रुपये के मार्बल तुड़वाने की इजाजत उसे किसने दी? पुलिस की मौजूदगी में पत्थरों को बुलडोजर से तोड़ने का वीडियो तक वायरल हो रहा है। 
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