बांदा शहर के झील का पुरवा स्थित बीएल विद्या मंदिर निजी आवासीय विद्यालय में रविवार रात दो छात्रों की हालत बिगड़ गई। सोमवार सुबह उनकी संदिग्ध हालात में उनकी मौत हो गई। दोनों को स्कूल स्टाफ अलग-अलग समय पर लेकर जिला अस्पताल पहुंचा था। परिजन का आरोप है कि छात्रों की मौत के बाद उन्हें तबीयत खराब होने की सूचना दी गई। परिजन ने विद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा भी किया।
गिरवां थाना क्षेत्र के सरस्वाह गांव निवासी सुनील का बेटा नितिन (12) आवासीय विद्यालय में कक्षा छह का छात्र था। रविवार रात करीब एक बजे उसे उल्टी और पेटदर्द की शिकायत हुई। स्कूल स्टाफ उसे अस्पताल ले गया लेकिन कुछ देर बाद वापस विद्यालय ले आया। हालत में सुधार न होने पर उसे सुबह करीब सात बजे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि जिला अस्पताल के रिकॉर्ड में उसे रात में भी लाए जाने की कोई जानकारी दर्ज नहीं है।
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नितिन की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसी तरह चिल्ला थाना क्षेत्र के महेंदु गांव निवासी पुष्कर उर्फ जयकिशोर का बेटा अरुण कुशवाहा (9) कक्षा दो में पढ़ता था। उसे सोमवार सुबह करीब चार बजे उल्टी और पेट दर्द हुआ। स्कूल स्टाफ सुबह करीब छह बजे उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। लेकिन उसने भी रास्ते में ही दम तोड़ दिया। सूचना पर तहसीलदार और बीएसए अव्यक्तराम जिला अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली।
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अरुण की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अधिकारियों ने विद्यालय पहुंचकर पूरे घटनाक्रम और व्यवस्था की जानकारी ली। वहीं विद्यालय प्रबंधक ओमप्रकाश का कहना था कि बच्चों के बीमार होने पर उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया था। विद्यालय प्रशासन ने पूरी कोशिश की लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। उधर, सोमवार दोपहर करीब दो बजे विद्यालय के कक्षा चार के छात्र चंद्रपाल सिंह निवासी गिरवां की भी हालत बिगड़ गई। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उसकी हालत में सुधार है।
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एफएसडीए की टीम ने भरे छह नमूने
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मोमोज और फिंगर चिप्स मंगाए गए
विद्यालय में रविवार शाम मोमोज और फिंगर चिप्स मंगाए गए थे। बताया जा रहा है कि अधिकांश बच्चों ने इसे खाया था। इसके बाद छात्रों की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है। विद्यालय का एक छात्र ही महाराणा प्रताप चौक से दोनों चीजें लेकर आया था। ऐसे में फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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विद्यालय में बने कमरे में खाली पड़े तख्त और नमी से भीगी दीवार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रात में घर सूचना देने को कहते रहे बच्चे, नहीं कराई बात नितिन के साथ उसका छोटा भाई हर्ष कक्षा एक में इसी विद्यालय का छात्र है। वहीं अरुण का बड़ा भाई उत्कर्ष कक्षा पांच में पढ़ता है। दोनों के भाइयों ने परिजन को बताया कि उन्होंने रात में ही घर पर उनकी तबीयत खराब होने की सूचना देने को कहा था लेकिन स्कूल के बड़े सर ने बात नहीं कराई। सोमवार सुबह जिला अस्पताल से परिजन को बच्चों के बीमार होने की सूचना दी गई। परिजन अस्पताल पहुंचे तो दोनों बच्चों की मौत हो चुकी थी। परिजन ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।