बलिया जिले के रेवती थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर हत्याकांड में कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को पुलिस ने नरेंद्र प्रताप सिंह, देवेन्द्र प्रताप सिंह, निवासीगण दुर्जनपुर को गिरफ्तार किया था। शनिवार को पुलिस ने इस मामले में हनुमानगंज निवासी मुन्ना यादव, राजप्रताप यादव एवं दुर्जनपुर के राजन तिवारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
बलिया हत्याकांड में पांच और की हुई गिरफ्तारी, मुख्य आरोपी भाजपा कार्यकर्ता अब भी फरार
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इससे पहले दिन में आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह के परिवार की महिलाओं को लेकर भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह सुबह साढ़े दस बजे जिला अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में महिलाओं का मेडिकल कराते समय विधायक फफक-फफक कर रो पड़े।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन पूरे मामले में एकतरफा कार्रवाई कर रहा है। पुलिस धीरेंद्र के घर में घुसकर तोड़फोड़ करने के साथ महिलाओं से बदतमीजी कर रही है। विधायक के साथ पूर्व सैनिक संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी जिला अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि दुर्जनपुर के प्रधान और प्रशासन ने साजिश कर धीरेंद्र को फंसाया है।
पूर्व सैनिक संगठन पीड़ित परिवार के साथ है। इससे पहले विधायक सुबह लगभग नौ बजे रेवती थाना पहुंचे। उनके साथ आराधना सिंह पत्नी प्रयाग सिंह, आशा सिंह पत्नी राजेंद्र सिंह तथा आशा प्रकाश सिंह पत्नी नरेंद्र प्रताप सिंह थीं।
विधायक ने पुलिस अधीक्षक देवेन्द्रनाथ से घायल महिलाओं का मेडिकल मुआयना कराने की मांग की। साथ ही इस पक्ष के लोगों की प्राथमिकी दर्ज करने को लेकर बातचीत की। बातचीत के बाद विधायक पुलिस स्टेशन से बाहर निकले। उसके बाद घायलों को लेकर सीएचसी पहुंचे, जहां चिकित्सकों के नहीं होने की बात कहकर घायलों के साथ जिला अस्पताल रवाना हो गए।
खुली बैठक में अफसरों के सामने हुई थी हत्या
बलिया जिले के रेवती थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर गांव के पंचायत भवन में गुरुवार को कोटे की दुकान के चयन के लिए खुली बैठक हो रही थी। इसमें एसडीएम, सीओ, एसओ व अन्य पुलिसकर्मी भी शामिल थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भाजपा कार्यकर्ता धीरेंद्र प्रताप सिंह ने एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी। इस दौरान ईंट-पत्थर और लाठी-डंडे भी चले। इसमें छह लोग घायल हो गए।
घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मामले में धीरेंद्र समेत आठ नामजद और 25 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। एसडीएम, सीओ के अलावा मौके पर मौजूद 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह के भाई देवेंद्र प्रताप सिंह और नरेंद्र प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। ये दोनों आरोपी नामजद थे। अज्ञात के रूप में दर्ज पांच आरोपी हिरासत में हैं।