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Wolf Attack: अब बचा लंगड़ा भेड़िया है सबसे ज्यादा खतरनाक... कुनबे का बताया जा रहा सरदार, मिल गई लोकेशन!
Wed, 11 Sep 2024 09:05 AM IST
शाहरुख खान
जितेंद्र दीक्षित, अमर उजाला, बहराइच
जितेंद्र दीक्षित, अमर उजाला, बहराइच
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 11 Sep 2024 09:05 AM IST
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Wolf Attack
- फोटो : अमर उजाला
बहराइच के महसी तहसील के 50 से अधिक गांवों में आतंक का पर्याय बने भेड़ियों के कुनबे की एक मादा भेड़िया को मंगलवार को वन विभाग ने दबोच लिया। इससे वन विभाग ने लगातार बन रहे दबाव से राहत की सांस ली। वहीं ग्रामीणों में भी खुशी की लहर है। अब सिर्फ पैर से चोटिल लंगड़ा भेड़िया ही पकड़ से दूर है। इस लंगड़े भेड़िये को सबसे ज्यादा खतरनाक बताया जा रहा है।
Wolf Attack
- फोटो : अमर उजाला
एक लोकेशन मिली है, जहां उसके मौजूद होने की संभावना है। जल्द उसे दबोच लिया जाएगा। वहीं वन विभाग के जानकार मादा भेड़िया के बिछड़ने के बाद लंगड़े भेड़िये के और उग्र होने की बात कह रहे हैं। साथ ही ग्रामीणों को और सचेत रहने व सर्च अभियान और तेज करने की सलाह दे रहे हैं।
Wolf attack in Bahraich
- फोटो : istock
कतनिर्याघाट के सेवानिवृत्त डीएफओ ज्ञान प्रकाश सिंह ने बताया कि भेड़िया हमेशा झुंड में रहता है। झुंड का हर एक सदस्य एक दूसरे की देखभाल करता है और अगर कोई कुनबे को नुकसान पहुंचाए तो हिंसक हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि भेड़िया बदले की भावना वाले जानवर होते हैं।
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Wolf attack in Bahraich
- फोटो : istock
महसी तहसील क्षेत्र के हरदी थाना क्षेत्र में मार्च महीने में भेड़ियों के हमलों की शुरुआत हुई थी। मार्च के शुरुआती दिनों में जहां भेड़ियों ने कई बच्चों और ग्रामीणों को घायल किया था तो वहीं 10 मार्च को मिश्रनपुरवा निवासी सायरा (3) को निवाला बनाया था।
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Wolf Attack
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद वन टीमें सक्रिय हो गई थी और सघन अभियान शुरू किया गया था। लेकिन 23 मार्च को भेड़ियों ने नयापुरवा निवासी छोटू (2) को निवाला बनाकर चुनौती बढ़ा दी थी। इसके बाद 28 मार्च को डीएफओ बहराइच अजीत प्रताप के नेतृत्व में एक मादा भेड़िया और उसके शावक को पकड़ा गया था।