आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में हुई पांच मौतों के मामले में नया मोड़ आ गया है। आरोपी अरविंद सिंह के आठ वर्षीय बेटे शौर्य सिंह की मौत पर सवाल खड़े हो गए हैं। परिवार का आरोप है कि शौर्य की मौत पुलिस की गोली से हुई है, जबकि पुलिस इसे आरोपी की गोली से हुई जवाबी कार्रवाई बता रही है। इस घटना में आरोपी, उसकी पत्नी और दो पंडितों सहित कुल पांच लोगों की जान गई है।
पांच मौतों की गुत्थी उलझी: परिजनों का आरोप- पुलिस फायरिंग में बेटे की मौत, आरोपों को पुलिस ने किया खारिज
आजमगढ़ जिले में चार कत्ल और आरोपी की मुठभेड़ में मौत होने के मामले में नया मोड़ आ गया है। आरोपी अरविंद की बहन और मां ने शौर्य की मौत पुलिस की गोली से होने का दावा किया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि आरोपी ने ही बेटे को गोली मारी थी।
आधार कार्ड के विवाद ने लिया खूनी हिंसा का रूप
मंगलवार शाम को आरोपी अरविंद सिंह के घर पर प्रेत बाधा दूर करने के लिए एक अनुष्ठान चल रहा था। बाजार से लौटने के बाद अरविंद ने पंडितों से आधार कार्ड मांगने को लेकर विवाद शुरू कर दिया। आरोप है कि इसी दौरान उसने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर दी। गोली लगने से उसकी पत्नी बबीता और दो पंडितों महेंद्र पाठक व अखिलेश मिश्रा की मौके पर ही मौत हो गई। फायरिंग के बाद अरविंद ने अपने बच्चों के साथ खुद को घर में बंद कर लिया। सूचना मिलने पर वाराणसी जोन के एडीजी और जिले के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। कई घंटों तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया।
आरोपी की मां और बहन ने कही ये बात
आरोपी की मां श्याम बली देवी और बहन साधना ने आरोप लगाया कि आठ वर्षीय शौर्य सिंह की मौत पुलिस की गोली से हुई है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने बताया कि आरोपी ने अपने बेटे को गोली मार दी थी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी को गोली लगी और उसकी मौत हो गई। आरोपी की गोली से घायल बच्चे की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि मृतकों के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
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यह है पूरा मामला
अरविंद सिंह के घर में तीन-चार दिन से पूजा चल रही थी। मंगलवार शाम को अरविंद बाजार से घर पहुंचा। उसने पंडितों से आधार कार्ड मांगने को लेकर विवाद शुरू कर दिया। आरोप है कि विवाद के दौरान अरविंद ने लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर दी। गोली लगने से उसकी पत्नी बबीता और दो पंडितों की मौत हो गई। फायरिंग होते ही पूजा में शामिल अन्य पंडित मौके से भाग निकले।
प्रेत बाधा और पुलिस कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि आरोपी के घर में प्रेत बाधा दूर करने के लिए अनुष्ठान का आयोजन किया गया था। आरोपी की पत्नी और मां को लगता था कि अरविंद पर प्रेत बाधा है। बताया जा रहा है कि अरविंद सिंह के बड़े भाई का कई साल पहले मर्डर हुआ था। इस कारण अरविंद डिप्रेशन में चल रहा था। उसकी पत्नी पूजा करवाना चाह रही थीं, जिसका वह विरोध कर रहा था। घटना की गंभीरता को देखते हुए कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।