फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

UP News: शहीद के बेटे की मौत पर हंगामा; अधिकारी ने बाल मुंडवाकर किया बेइज्जत..., परिजन बोले-रोज करते प्रताड़ित

Sun, 23 Mar 2025 01:06 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sun, 23 Mar 2025 01:06 PM IST
सार

सांसद अवधेश प्रसाद और पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय के मौके पर पहुंचने के बाद किरकिरी होता देख प्रशासन सक्रिय हुआ। रात करीब 1 बजे डीएम मौके पर पहुंचे। उन्होंने मजिस्ट्रियल जांच का भरोसा दिया तब जाकर मामला शांत हुआ। इसके बाद रातोंरात पोस्टमार्टम कराकर शव को घर भेज दिया गया। सुबह पुलिस की निगरानी में अंतिम संस्कार कर दिया गया। 

विज्ञापन
Ruckus over death of martyr clerk son in Ayodhya allegation of harassment on Tehsil officer
शिवम का फाइल फोटो, और घर में लगा शहीद सीआरपीएफ कमांडो राजकुमार यादव का चित्र। - फोटो : संवाद

राम की नगरी अयोध्या में शहीद के क्लर्क बेटे की मौत पर हंगामा बरपा है। घरवालों ने तहसील के अधिकारी द्वारा प्रताड़ित करने की बात कही। तहसील में सबके सामने सिर मुंडवाकर बेइज्जत करने का आरोप लगाया है। घरवालों का दावा है कि उन्होंने डीएम से मिलकर शिकायत की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आक्रोशित लोगों ने आधी रात रामपथ पर शव को रखकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। 



पूरा मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के बढ़ई का पुरवा रानोपाली का है। यहां के निवासी राजकुमार यादव सीआरपीएफ में कमांडो थे। वह जून 2021 में शहीद हो गए थे। प्रदेश सरकार उनके 21 वर्षीय बेटे शिवम यादव को मृतक आश्रित कोटे से लिपिक के पद पर नौकरी दी थी। अभी 4 महीने पहले ही शिवम को तैनाती मिली थी। हाल ही में उनका स्थानांतरण सोहावल तहसील में हो गया था। 22 मार्च की शाम वह ड्यूटी से लौट रहे थे। 

Ruckus over death of martyr clerk son in Ayodhya allegation of harassment on Tehsil officer
रोते बिलखते परिजन - फोटो : संवाद
कैंट थाना क्षेत्र के सहादतगंज के पास अयोध्या-लखनऊ हाईवे पर एक डीसीएम ने उन्हें चपेट में ले लिया। आसपास के लोगों ने पुलिस की मदद से शिवम को जिला अस्पताल भेज। वहां डॉक्टरों ने देर शाम करीब 8 बजे शिवम को मृत घोषित कर दिया। खबर मिली तो परिजन रोते बिलखते जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने तहसील के एक प्रशासनिक अधिकारी पर बेटे का उत्पीड़न करने की बात कही। प्रशासनिक अधिकारी पर कार्रवाई की मांग को लेकर जिला अस्पताल के सामने रामपथ पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। 

यह भी पढ़ेंः- UP Weather News: यूपी में मौसम ने ली करवट, ओले और बूंदबांदी से बढ़ी किसानों की चिंता; अब गर्मी दिखाएगी तेवर
Ruckus over death of martyr clerk son in Ayodhya allegation of harassment on Tehsil officer
जानकारी देते शिवम के चाचा - फोटो : संवाद
हंगामे के करीब एक घंटे तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नजर नहीं आया। बाद में एसडीएम सदर विकास दुबे, एसपी ग्रामीण बलवंत चौधरी, सीओ सिटी शैलेंद्र सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह आरोपी अधिकारी पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। परिजनों का कहना है कि सोहावल तहसील में तैनाती के बाद से ही एक प्रशासनिक अधिकारी लगातार शिवम का उत्पीड़न कर रहा था। पांच दिन पहले तहसील में ही सार्वजनिक रूप से बेटे के बाल मुंडवा दिए। इतना ही नहीं उसे ठीक कर देने की धमकी भी दी। इसके बाद से बेटा अवसाद में था। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन
Ruckus over death of martyr clerk son in Ayodhya allegation of harassment on Tehsil officer
मौके पर पहुंचे सांसद अवधेश प्रसाद। - फोटो : संवाद
नाना रामप्रसाद यादव ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी शिवम से चिढ़ते थे। उत्पीड़न करने के साथ ही ही उसे रोज देर से छोड़ते थे। 22 मार्च को भी उसे प्रताड़ित करने के उद्देश्य से ही देर से छोड़ा। इससे पहले शिवम की मां और परिजनों ने प्रशासनिक अधिकारी के इस कृत्य की शिकायत सीआरपीएफ कमांडेंट सुनील कुमार दुबे से भी की थी। कमांडेंट से मुलाकात करके कार्रवाई कराने की मांग की थी। शिवम की मौत की सूचना मिली तो रात 9 बजे कमांडेंट भी जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घटना पर दुख जताया। साथ ही आरोपी अधिकारी पर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। 

यह भी पढ़ेंः- सीएम योगी का निर्देश: शिक्षक विहीन न रहे कोई स्कूल, स्कूलों में होंगे खेल के मैदान; एक अप्रैल से शुरू होगा स्कूल चलो अभियान
विज्ञापन
Ruckus over death of martyr clerk son in Ayodhya allegation of harassment on Tehsil officer
परिजनों से बात करते डीएम - फोटो : संवाद
उधर घटना की सूचना मिली तो सांसद अवधेश प्रसाद और पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारी के कृत्य की निंदा की। इसके बाद दोनों नेता वहीं धरने पर बैठ गए। सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि यह शहीद का अपमान है। उन्होंने अधिकारी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करके शहीद के बेटे को न्याय देने की मांग की। पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय ने कहा कि प्रदेश सरकार मृतक के परिजन को एक करोड़ रुपये मुआवजा और परिजन को नौकरी दे। आरोपी प्रशासनिक अधिकारी पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करे। 
 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed