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लोकेश-अशोक की आखिरी मुलाकात: परिजनों की चीखों से हर आंख नम, कांपते हाथों से दी मुखाग्नि, धमाके में गई जान

Tue, 11 Nov 2025 07:09 PM IST
विमल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Published by: विमल शर्मा Updated Tue, 11 Nov 2025 07:09 PM IST
सार

दिल्ली कार धमाके में हसनपुर के खाद व्यापारी लोकेश अग्रवाल (52) और मंगरौला निवासी डीटीसी कंडक्टर अशोक कुमार (34) की मौत हो गई। दोनों दोस्त लालकिला मेट्रो स्टेशन के पास धमाके की चपेट में आ गए। मंगलवार को दोनों के शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। 

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Lokesh and Ashok last meeting, every eye moistened by cries their family members, who lost lives in Delhi
दिल्ली में हुए धमाके में अमरोहा के दो लोगों की माैत - फोटो : संवाद

दिल्ली कार धमाके में हसनपुर के खाद कारोबारी लोकेश अग्रवाल (52) व मंगरौला निवासी डीटीसी कंडक्टर अशोक कुमार (34) की जान चली गई। दोनों दोस्त थे। अशोक दिल्ली में रहते थे। वहीं, दिल्ली के अस्पताल में भर्ती समधन (बेटे की सास) को देखने पहुंचे कारोबारी ने अशोक को दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर मिलने के लिए बुलाया था।

Lokesh and Ashok last meeting, every eye moistened by cries their family members, who lost lives in Delhi
गमगीन परिजन - फोटो : संवाद

इसके बाद दोनों बाइक से आनंद विहार मेट्रो स्टेशन जा रहे थे जहां से लोकेश को हसनपुर के लिए बस पकड़नी थी। मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव घर पहुंचे तो मातम पसर गया। दोपहर में दोनों के शवों का अंतिम संस्कार कर दिया।

Lokesh and Ashok last meeting, every eye moistened by cries their family members, who lost lives in Delhi
दिल्ली ब्लास्ट में अमरोहा के दो लोगों की माैत। गमगीन परिजन - फोटो : संवाद

उधर, दोनों दोस्तों की मौत से लोगों में गम और गुस्सा है। सुबह 10:20 बजे अंतिम संस्कार के लिए ले जाते समय कुछ ग्रामीणों ने अशोक के शव को सड़क किनारे रख दिया और हंगामा करने लगे। उन्होंने अशोक को शहीद का दर्जा और आर्थिक मदद दिलाने की मांग की।

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Lokesh and Ashok last meeting, every eye moistened by cries their family members, who lost lives in Delhi
घर पर जुटे ग्रामीण - फोटो : संवाद

एसडीएम पुष्करनाथ चौधरी और सीओ दीप कुमार पंत के आश्वासन के बाद करीब एक घंटे बाद लोग शांत हुए। परिजनों के मुताबिक खाद विक्रेता लोकेश अग्रवाल सोमवार सुबह दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती समधन को देखने गए थे। लौटते समय लोकेश ने अशोक को फोन कर लाल किला मेट्रो स्टेशन पर मिलने के लिए बुलाया था।

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Lokesh and Ashok last meeting, every eye moistened by cries their family members, who lost lives in Delhi
शव पहुंचे घर शव को परिजनों की निकली चीख - फोटो : संवाद

इसके बाद अशोक दोस्त लोकेश के साथ बाइक से आनंद बिहार बस अड्डे जा रहे थे यहां से लोकेश को हसनपुर के लिए बस पकड़नी थी। दोनों दोस्त लालकिला के गेट नंबर एक के सामने पहुंचे तो अचानक एक कार में तेज धमाका हुआ और इसकी चपेट में आकर दोनों की मौत हो गई।

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