चौक के नेहरू काॅम्प्लेक्स (संजय मार्केट) में शनिवार की सुबह आग लगने की सूचना पर दुकानदार और उनके परिवार वाले तुरंत पहुंच गए। भारी भीड़ लग गई। जब आग ने भयावह रुख अख्तियार किया। आग की ऊंची ऊंची लपटों को देख उनकी आंखों में आंसू आ गए। नम आंखों से वे अपने अरमानों को राख होते देखते रहे। पांच घंटे बाद जब आग पर काबू पा लिया गया तो तमाम दुकानदार अपनी अपनी दुकानों में जाकर मलबे में ढूंढते रहे। शायद कुछ बचा रह गया हो। दुकानदारों के साथ परिजनों की आंखों में आंसू थे।
नेहरू कॉम्पलेक्स : अरमानों को राख होते हुए नम आंखों से देखते रहे दुकानदार, पांच घंटे बाद बुझी आग
चौक के नेहरू काॅम्प्लेक्स (संजय मार्केट) में शनिवार की सुबह आग लगने की सूचना पर दुकानदार और उनके परिवार वाले तुरंत पहुंच गए। भारी भीड़ लग गई। जब आग ने भयावह रुख अख्तियार किया। आग की ऊंची ऊंची लपटों को देख उनकी आंखों में आंसू आ गए।
फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के साथ वे भी पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास करने लगे लेकिन आग लगातार भयानक रुख अख्तियार करती जा रही थी। जब अंदर से बेहद गाढ़ा धुआं और ऊंची ऊंची लपटें निकलने लगीं तो दुकानदारों की आंखों में आंसू आ गए। वे कुछ कर नहीं पा रहे थे। वे बार बार दमकलकर्मियों के पास जाते। उनके साथ लगकर वे आग बुझाने का प्रयास करते रहे लेकिन कुछ काम नहीं आ रहा था। नम आंखों से वे अपने अरमानों को खाक होते हुए देखते रहे।
एक बजे के आसपास जब आग पर काबू पा लिया गया तो आमिर, मो. नदीम, यूसुफ, अबू बकर तथा अन्य दुकानदार अपनी दुकानों के मलबे में वह सामान ढूंढते रहे जो बचा रह गया हो। ऐसी तमाम चीजों को दुकान से बाहर निकाला गया। दुकानदारों ने रोते हुए बताया कि ईद आने वाली है, इस कारण सामान्य से दुगना तिगुना माल मंगा लिया गया था। सब खाक हो गया। कई दुकानदार तो फोन पर दूसरों को बात बताते बताते रो रहे थे। किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था आखिर आग कैसे लग गई।
आस पास के इलाकों में फैल गया था गाढ़ा धुआं, लोगों में रही दहशत
चौक के नेहरू कांप्लेक्स में सुबह आग लगी तो अगले कुछ घंटे आस पास के रहने वालों के लिए भयावह गुजरे। प्लास्टिक के सामान, कपड़ों और जूते चप्पल की दुकानों के जलने से पूरे क्षेत्र में गाढ़ा धुआं फैल गया। इतना धुआं कि लोगों को अपने अपने घरों से बाहर निकलना पड़ा। आग की वजह से इलाकों में भारी भीड़ भी हो गई थी। पुलिस को आम लोगों के लिए दोनों ओर से रास्ता बंद करना पड़ा। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के लिए कॉरीडोर बनाया गया था।
नेहरू कांप्लेक्स में 200 से अधिक दुकानें हैं। जब आग लगने की खबर फैली तो नेहरू कांप्लेक्स ही नहीं आस पास के सारे दुकानदार अपने अपने परिजनों के साथ मौके पर पहुंच गए थे। इस कारण वहां काफी अफरातफरी का माहौल हो गया था। सभी अपनी अपनी दुकानों के बारे में जानना चाह रहे थे। तमाम दुकानदारों के घर वाले रो रहे थे, क्योंकि उस समय तक उन्हें कांप्लेक्स में जाने नहीं दिया जा रहा था। उन्हें नहीं पता था कि उनकी दुकानों में आग लगी है या नहीं। समय बीतने के साथ ही पूरे क्षेत्र में गाढ़ा गाढ़ा धुआं छा गया था।
इसी कारण आस पास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए थे। नेहरू कांप्लेक्स के अलावा अन्य दुकानदारों में भी काफी दहशत रही। दुकान तो उन्होंने नहीं खोली थी लेकिन अपनी अपनी दुकानों के पास खड़े हो गए थे। पुलिस बार बार उन्हें हटा रही थी। भारी भीड़ देखकर पुलिस ने आम लोगों के लिए दोनों ओर से रास्ता बंद कर दिया था।
सड़कों पर भीड़ के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को पहुंचने में दिक्कत होने लगी तो पुलिस ने अस्थाई कॉरीडोर बनाया । उस रोड से भीड़ को पूरी तरह से हटा दिया गया था। पड़ोस में रहने सुशांत केसरवानी ने बताया कि जब आग लगी तो पूरे इलाके में धुआं फैल गया। उन्होंने इतना गाढ़ा धुआं कभी नहीं देखा था।
आग बुझने के बाद अन्य दुकानदारों ने भी हटाया सामान
शनिवार की दोपहर आग बुझने के बाद नेहरू कांप्लेक्स की अन्य दुकानों के दुकानदारों ने भी जल्दी जल्दी सामान हटाना शुरू कर दिया था। दरअसल आग बुझने के बाद भी वहां से गाढ़ा धुआं निकल रहा था।
नेहरू कांप्लेक्स में तीन बार लग चुकी है आग, 2019 में जली थीं 14 दुकानें
चौक के नेहरू कांप्लेक्स में शनिवार को पहली बार आग नहीं लगी है। इससे पहले तीन बार आग लग चुकी है। 2007, 2012 और 2019 में इस मार्केट में आग लग चुकी है। 2019 में आग से मार्केट की 14 दुकानें जलकर खाक हो गई थीं। उस समय भी करोड़ों का माल खराब हो गया था। इसके अलावा मो. अली पार्क में भी भीषण आग लग चुकी है। यहां पर तो 50 से अधिक दुकानें खाक हो गई थीं।