दारागंज में श्रीराम भोजनालय एवं रेस्टूरेंट में हुए हादसे से हर कोई स्तब्ध दिखा। हादसे में एक कर्मचारी की मौत हो गई जबकि पांच कर्मचारी अचेत हो गई। लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस भी आश्चर्य में पड़ गई कि यह घटना कैसे हुई।
रेस्टूरेंट में हादसा : कोई फूड प्वॉयजनिंग तो कोई शराब से मौत बताता रहा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चौंकाने वाला खुलासा
कोई फूड प्वॉयजनिंग तो कोई शराब अधिक पीने की बात कर रहा था। हालांकि गहराई से छानबीन के बाद कुछ देर में ही रहस्य पर से पर्दा हट गया। छानबीन में पाया गया कि बेसमेंट में जल रहे तंदूर से ही घटना हुई है।
दम घुटने से गई जान, तंदूर का धुआं बन गया काल
दारागंज में जीटी जवाहर चौराहे पर स्थित श्रीराम भोजनालय एवं स्वीट्स रेस्टोरेंट में पांच मजदूरों केअचेत पड़े मिलने से सनसनी फैल गई। सभी को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां मोनू शर्मा (30) ने दम तोड़ दिया। एक मजदूर की हालत गंभीर है, जबकि तीन लोगों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
रेस्टोरेंट के मालिक राजेंद्र प्रसाद वैश्य हैं, जो ऊपर के तल पर परिवार समेत रहते भी हैं। भूतल पर रेस्टोरेंट का संचालन होता है। यहां मोनू के अलावा उसका भाई सोनू, मुनिराज निवासी रीवा, शशि निवासी झारखंड, प्रदीप यादव निवासी फूलपुर व शिवशंकर निवासी महाराष्ट्र काम करते हैं। बृहस्पतिवार रात 2.30 बजे के करीब काम खत्म होने के बाद सभी बेसमेंट में बने किचन में ही सो गए।
सुबह काफी देर तक नहीं निकला कोई बाहर
शुक्रवार सुबह 10 बजे तक कोई बाहर नहीं निकला तो अन्य कर्मचारी जगाने पहुंचे। लेकिन दरवाजा भीतर से बंद मिला। घंटों कोशिश के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया तो मजदूर अचेत पड़े मिले। सूचना पर पुलिस पहुंची और पांचों को नजदीक के एक अस्पताल ले जया गया। जहां हालत गंभीर देख मोनू व मुनिराज को एसआरएन रेफर कर दिया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने मोनू को मृत घोषित कर दिया, जबकि मुनिराज की हालत गंभीर बनी हुई थी। वहीं दूसरी ओर शशि, शिवशंकर व प्रदीप की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। सीओ दारागंज आस्था जायसवाल ने बताया कि फिलहाल मामले में किसी पक्ष की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है।
जलता छोड़ दिया था तंदूर, गैस फैलने से हादसा
जानकारी पर दारागंज पुलिस के साथ ही अफसर भी मौकेपर पहुंचे। जांच पड़ताल में पता चला कि मजदूरों ने रात में सोते वक्त तंदूर जलता हुआ छोड़ दिया था। आशंका जताई जा गई कि तंदूर जलता रहने और दरवाजा बंद होने के कारण कमरे में कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस भर गई और इसकी चपेट में आने से मजदूर अचेत हो गए। इसी दौरान मोनू की मौत हो गई। सोनू दरवाजे से कुछ दूर पर था, ऐसे में उस पर गैस का असर कम हुआ और वह जल्द होश में गया।
बेटे की थी शादी, मची अफरातफरी
मौके पर पहुंचकर पुलिस अफसरों ने पूछताछ शुरू की तो पता चला कि शाम को रेस्टोरेंट मालिक के बेटे विशाल की बारात जानी है। यही वजह थी कि शुक्रवार को रेस्टोरेंट बंद भी रखा गया था। यह भी बात सामने आई कि आमतौर पर सभी सुबह आठ बजे तक उठ जाते हैं। लेकिन शादी के चलते रेस्टोरेंट बंद था, यही वजह थी कि मालिक व अन्य मजदूर यही सोचते रहे कि सभी अभी सो रहे होंगे।