{"_id":"60c24fd88ebc3e8a6469631d","slug":"prayagraj-sawan-like-storm-in-jeth-humidity-increased","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"प्रयागराज: जेठ में सावन जैसी झड़ी, उमस बढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रयागराज: जेठ में सावन जैसी झड़ी, उमस बढ़ी
Thu, 10 Jun 2021 11:16 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 10 Jun 2021 11:16 PM IST
सार
- समय से पहले प्रीमानसून की दस्तक, गर्मी से राहत, चार दिन गरजचमक संग बारिश के आसार, चक्रवाती हवाओं का रहेगा जोर
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को दिन में हुई झमाझम बारिश के कारण खुल्दाबाद थाने के पास हुए जलजमाव के कारण राहगीरों को खासी दिक्कत हुई।
- फोटो : prayagraj
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जलवायु परिवर्तन के असर से समय से पहले प्रीमानसून की दस्तक ने गर्मी से राहत दी पर उमस बढ़ गई। जेठ में सावन जैसी झड़ी लगी। बारिश ने लोगों को सराबोर कर दिया। बृहस्पतिवार को चक्रवाती हवाओं के जोर से दो झोंकों में जोरदार बारिश हुई। मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से दक्षिणी पश्चिमी मानसूनी हवाएं सक्रिय हो गई हैं। अगले चार दिन यानी सोमवार तक मौसम करवट लेगा। गरजचमक संग बारिश के आसार हैं। शुक्रवार से सोमवार तक बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। इस दौरान धूप-छांव भी रहेगी और तेज हवाएं भी चलेंगी।
बृहस्पतिवार को दिन में हुई झमाझम बारिश के कारण मछलीबाजार तिराहे के पास हुए जलजमाव के कारण राहगीरों को खासी दिक्कत हुई।
- फोटो : prayagraj
बादलों और सूरज के बीच चार दिन से दिन से चल रहा लुकाछिपी का खेल बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। बादलों के डेरा जमाने से दिन भर धूप नहीं दिखी। सुबह से ही तेज हवाओं संग बादल झूमकर बरसे। दोपहर बाद बारिश थमी पर बूंदाबांदी जारी रही। अचानक कमजोर हुई हवाओं के कारण उमस बढ़ गई। काले घने बादलों की आवाजाही बनी रही।
तेज बारिश के बाद भी तापमान में मामूली अंतर आया। अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वातावरण में नमी का स्तर असंतुलित रहा। आर्द्रता अधिकतम 92 और न्यूनतम 68 प्रतिशत रही। हवाओं की रफ्तार करीब 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रही। रात में हवाओं की सुस्ती से उमस हावी हो गई। चिपचिपी गर्मी से लोग परेशान रहे।
तेज बारिश के बाद भी तापमान में मामूली अंतर आया। अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वातावरण में नमी का स्तर असंतुलित रहा। आर्द्रता अधिकतम 92 और न्यूनतम 68 प्रतिशत रही। हवाओं की रफ्तार करीब 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रही। रात में हवाओं की सुस्ती से उमस हावी हो गई। चिपचिपी गर्मी से लोग परेशान रहे।
झमाझम बारिश के कारण शाहगंज थाने के पास हुए जलभराव के बाद राहगीरों को खासी दिक्कत हुई।
- फोटो : prayagraj
मौसम विभाग ने भी शुक्रवार से रविवार तक तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रभावित जिलों में प्रयागराज भी शामिल हैं। यहां गरजचमक के साथ तेज बारिश के आसार हैं। हवाओं की गति सामान्य से अधिक रहेगी। मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा ने बताया कि मौसम पर जलवायु परिवर्तन प्रभावी है। इस प्रक्रिया के तहत इस बार गर्मी भी कम पड़ी। समय से पहले मानसून की आहट से वर्षा की समयावधि में परिवर्तन हो रहा है। उन्होंने बताया कि बंगाल की खाड़ी से मानसूनी चक्रवाती हवाओं की सक्रियता बारिश का कारण बन रही है।
बारिश से हर तरफ कीचड़, फिसलन, फुटपाथों पर भरा पानी
प्रीमानसून की बारिश से बृहस्पतिवार को सड़कों पर तो पानी नहीं लगा लेकिन फुटपाथ लबालब हो गए। मेडिकल कॉलेज चौराहे के आरओबी छोर और निरंजन डॉट पुल के नीचे कुछ देर के लिए जलजमाव हुआ। सिविल लाइंस सहित अन्य इलाकों के फुटपाथों पर पानी लगा। जानसेनगंज, लोकनाथ, मुट्ठीगंज, कटरा की सड़कों पर चिपचिप और गंदगी से फिसलन बढ़ गई। शाम तक पानी सूखा तो धूल परेशानी का कारण बनी। सड़कों पर सूखी मिट्टी वाहनों के साथ उड़ती और लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी रही।
बारिश से हर तरफ कीचड़, फिसलन, फुटपाथों पर भरा पानी
प्रीमानसून की बारिश से बृहस्पतिवार को सड़कों पर तो पानी नहीं लगा लेकिन फुटपाथ लबालब हो गए। मेडिकल कॉलेज चौराहे के आरओबी छोर और निरंजन डॉट पुल के नीचे कुछ देर के लिए जलजमाव हुआ। सिविल लाइंस सहित अन्य इलाकों के फुटपाथों पर पानी लगा। जानसेनगंज, लोकनाथ, मुट्ठीगंज, कटरा की सड़कों पर चिपचिप और गंदगी से फिसलन बढ़ गई। शाम तक पानी सूखा तो धूल परेशानी का कारण बनी। सड़कों पर सूखी मिट्टी वाहनों के साथ उड़ती और लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी रही।