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सामूहिक हत्याकांड: पड़ोसी की हवस तो नहीं पांच लोगों के कत्ल की वजह? बहू पर रखता था गलत नजर
Sun, 24 Apr 2022 10:10 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 24 Apr 2022 10:10 AM IST
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Prayagraj Murder Case
- फोटो : अमर उजाला
प्रयागराज के थरवई में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या के मामले में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती हत्या का मकसद खोजने की है। परिवार की किसी से कोई रंजिश न होने के बाद लूटपाट के लिए हत्या की आशंका जताई गई, लेकिन जांच पड़ताल में यह थ्योरी भी महज कयास ही साबित हुई। ऐसे में शक की सुई घुमंतू गिरोह की ओर घूम गई है। इस आशंका के पीछे सबसे ज्यादा अहम कारण हत्याकांड को अंजाम देने के लिए अपनाया गया तरीका है। फिलहाल अफसरों का कहना है कि सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच पड़ताल की जा रही है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद पुलिस अफसरों ने जांच पड़ताल शुरू की। घटनास्थल पर मौजूद रहे लोगों में से मासूम को छोड़कर सभी को मौत के घाट उतार देने की वजह से अफसरों का सबसे पहला शक पारिवारिक रंजिश की ओर गया।
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थरवई के खैवजपुर गांव में सामूहिक हत्याकांड के बाद परिजनों से जानकारी लेते पुलिस प्रशासन के अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे में आला अफसरों ने मृतक दंपती के बेटे सुनील से पूछताछ की। उसके परिवार के साथ ही पट्टीदारों और करीबी रिश्तेदारों तक के बारे में जानकारी हासिल की। साथ ही यह जानने की कोशिश की कि परिवार की किसी से कोई रंजिश तो नहीं थी। पट्टीदारों को भी बुलवाया गया और उन्हें भी थाने लाकर घंटों पूछताछ की गई। लेकिन किसी तरह की रंजिश की बात सामने नहीं आई।
थरवई के खैवजपुर गांव में सामूहिक हत्याकांड के बाद रोते-बिलखते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
संपत्ति को लेकर कोई विवाद या परिवार से जुड़ा कोई अन्य विवाद भी सामने नहीं आया। इसके बाद लूटपाट केलिए हत्या के एंगल पर जांच शुरू हुई। घर में सिर्फ एक ही ऐसा कमरा था, जिसमें सामान रखा था। इसी कमरे में आग लगाई गई थी। जांच पड़ताल में जुटी पुलिस टीम भीतर पहुंची तो इसमें रखा काफी सामान जल चुका था। आलमारी व बक्सा खुला था लेकिन लूटपाट जैसी कोई बात सामने नहीं आई।
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थरवई के खैवजपुर गांव में सामूहिक हत्याकांड के बाद रोते-बिलखते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
यहां तक कि मृतक का बेटा भी घर से कोई सामान गायब होने की बात नहीं बता सका। जिसके बाद लूटपाट के लिए हत्या की आशंका भी कमजोर पड़ गई। इसके बाद पुलिस की शक की सुई घुमंतू गिरोह की ओर घूम गई और फिर पुलिस टीमों को इसी बिंदु पर जांच के लिए लगा दिया गया।
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थरवई के खैवजपुर गांव में सामूहिक हत्याकांड के बाद मौके पर जुटी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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जांच पड़ताल के दौरान यह बात सामने आई कि जिस तरीके से वारदात को अंजाम दिया गया, उससे इसमें घुमंतू गिरोह का हाथ होने की सबसे ज्यादा आशंका है। जघन्य तरीके से हत्या, लूटपाट का मकसद न होना, किसी पारिवारिक रंजिश की बात सामने न आना, महिलाओं के कपड़े अस्त-व्यस्त होना समेत कई ऐसी बातें रहीं, जो वारदात में घुमंतू गिरोह के शामिल होने की ओर इशारा कर रही थीं।
जांच पड़ताल के दौरान यह बात सामने आई कि जिस तरीके से वारदात को अंजाम दिया गया, उससे इसमें घुमंतू गिरोह का हाथ होने की सबसे ज्यादा आशंका है। जघन्य तरीके से हत्या, लूटपाट का मकसद न होना, किसी पारिवारिक रंजिश की बात सामने न आना, महिलाओं के कपड़े अस्त-व्यस्त होना समेत कई ऐसी बातें रहीं, जो वारदात में घुमंतू गिरोह के शामिल होने की ओर इशारा कर रही थीं।