रास्ते पर चौतरफा नाकेबंदी। बैरिकेडिंग प्वाइंट पर मुस्तैद पुलिस के जवान और दूर-दूर तक पसरा सन्नाटा। कोरोना का एक पॉजिटिव केस मिलने के बाद इंटेंसिव लॉकडाउन लागू होने के दूसरे दिन शाहगंज स्थित काटजू रोड का नजारा कुछ ऐसा ही दिखा। उधर, स्वास्थ्यकर्मी पूरे इलाके के सैनिटाइजेशन में लगे रहे।
प्रयागराज के कई मुहल्लों में अघोषित हॉटस्पॉट, चौतरफा नाकेबंदी के कारण लोग खुद भी घरों में रहे कैद
शाहगंज थाने की ओर से लोग न आ सकें, इसके लिए कॉल्विन अस्पताल के सामने बैरिकेडिंग कर मार्ग अवरुद्ध किया गया। गलियों में भी पुलिस के जवान तैनात रहे। सड़क पर दूर-दूर तक कोई नजर नहीं आ रहा था। यहां तैनात शाहगंज थाने के एक दरोगा ने बताया कि काटजू रोड पर ज्यादातर होटल या अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान ही हैं। जो लॉकडाउन के शुरुआती दिनों से ही बंद कर दिए गए हैं। घरों में जो लोग हैं उन्हें बाहर निकलने से मना किया गया है।
लोग भी बरत रहे एहतियात
सन्नाटे की वजह पुलिस की सख्ती तो है ही, संक्रमण के खतरे को देखते हुए लोग भी एहतियात बरत रहे हैं। पूर्व पार्षद तस्लीमुद्दीन ने फोन पर बताया कि काटजू रोड पर रहने वाले लोग खुद भी घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। सुबह या शाम के वक्त ठेलों वालों से सब्जी लेने के वक्त भी इक्का-दुक्का लोग ही दिखाई देते हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर चेकिंग कर रही है। सड़क के साथ ही गलियों में भी सैनिटाइजेशन का काम लगातार चल रहा है।
इंडोनेशियाई नागरिक मिला है संक्रमित
बता दें कि अब्दुल्ला मस्जिद मुसाफिरखाने में रहने वाला एक इंडोनशियाई नागरिक कोरोना संक्रमित पाया गया है। उसकी रिपोर्ट आने के बाद ही पुलिस ने काटजू रोड के इलाके में इंटेंसिव लॉकडाउन लागू करने का निर्णय लिया। जिसके तहत दो दिन पहले इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया। यहां रहने वालों को निर्देश दिए गए हैं कि वह घरों में ही रहें।पूरे इलाके में सैनिटाइजेशन का काम चल रहा है। एहतियातन लोगों को घरों से बाहर निकलने से रोका गया है। व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराने के लिए जगह-जगह पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एसपी सिटी